बरेली: समय से गन्ना तौल न होने पर रहना पड़ा रहा भूखा प्यासा

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Edited By Amrit Vichar
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शेरगढ़, अमृत विचार। अप्रैल का महीना शुरु हो चुका है। गर्मी चरम पर है। किसान सरसों लाही की फसल काटने में जुटा है। गेहूं भी पककर तैयार है। मगर, भारी तादात में खेतों में खड़ा गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। वजह यह है कि सेंटरों पर गन्ना लदे वाहन कई दिनों से खड़े …

शेरगढ़, अमृत विचार। अप्रैल का महीना शुरु हो चुका है। गर्मी चरम पर है। किसान सरसों लाही की फसल काटने में जुटा है। गेहूं भी पककर तैयार है। मगर, भारी तादात में खेतों में खड़ा गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। वजह यह है कि सेंटरों पर गन्ना लदे वाहन कई दिनों से खड़े हैं। इससे जहां गन्ना की फसल सूख रही है। वहीं, सिंचाई और गुड़ाई को लेकर भी दिक्कत बनी है।

किसानों का कहना है कि बार-बार मिल में तकनीकी खराबी आने से गन्ना की तौल समय से नहीं होने की बात कही जा रही है। पहले जहां रोजाना आठ ट्रक की तौल होती थी अब तीन ट्रक तक ही सीमित है। दूसरी तरफ गन्ना सेंटर्स पर जगह नहीं होने के चलते भी गन्ना लदे वाहन शाही बहेड़ी मार्ग पर खड़े रहते हैं।

डीएसएम शुगर मिल मीरगंज से संबद्ध केंद्र रम्पुरा, कांवर, बैरमनगर आदि क्षेत्र से संबंधित गांवों की बात करें तो अकेले यहां तकरीबन 30 हजार क्विंटल गन्ना अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। नगरिया कला गांव के किसान चौधरी कुलदीप सिंह, नरायन दास गंगवार, रीमेंद्र कुमार गंगवार, हरीपाल श्रीवास्तव, चौधरी राजू सिंह, छत्रपाल, इस्राइल मंसूरी आदि ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में किसान गन्ना लेकर सेंटर पहुंच रहे हैं लेकिन, तौल नहीं होने के चलते भूखे प्यासे रहकर ही समय काटना पड़ रहा है।

खेतों में खड़ा गन्ना, मिल नहीं दे रही पर्ची
गन्ना पर्ची नहीं मिलने से भी किसानों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि गन्ना खेतों में खड़ा है और किसानों को पर्ची नहीं मिल रही हैं। चार दिन पूर्व विभागीय स्तर से ऐसे किसानों की सूची बनाई गई थी जिनका गन्ना खेतों में खड़ा सूख रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी पर्ची बढ़कर नहीं आई। आरोप है कि जिम्मेदार भी इधर उधर की बात करके टारका देते हैं। सचिव से पर्ची दिलवाने की खुशामद करने का भी कोई फायदा नहीं निकलता।

केंद्र की संख्या बढ़े तो हो सकता है समाधान
दरअसल, किच्छा नदी की तलहटी समेत क्षेत्र में भारी तादाद में गन्ना की खेती की जाती है। मगर, गन्ना को लेकर हर वर्ष किसानों को किसी न किसी कारण दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। किसानों का कहना है कि यदि क्षेत्र में गन्ना की तादाद को देखते हुए यदि एक केंद्र की व्यवस्था और करा दी जाए तो काफी हद तक किसानों की गन्ना को लेकर हो रही दिक्कतों को कम किया जा सकता है।

सेंटर प्रभारी की मनमानी से बढ़ी किसानों की दिक्कत

भुता। बीसलपुर मार्ग पर ग्राम पड़ौली गन्ना क्रय केंद्र पर इंचार्ज की लापरवाही और लेबर न होने के कारण सेंटर से गन्ने का उठान नहीं होने से किसानों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि सेंटर प्रभारी मनमाने तरीके से गन्ने की तौल में हेराफेरी करता है। वह जब तक लंबी लाइन नहीं लगवा लेता तब तक किसानों का गन्ना नहीं तुलता।

किसानों का कहना है कि दो-दो दिन तक नंबर अभी आया । यहां पर दलालों का जमावड़ा और दलालों की ज्यादा चलती है। जिस कारण गांव वालों में काफी रोष पनप रहा है। किसानों का कहना है यदि केंद्र प्रभारी को नहीं हटाया गया तो किसान एकजुट होकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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