लापरवाही बरतने के आरोप में महाराजगंज के बीएसए सचिवालय से किये गये संबद्ध

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महाराजगंज। उत्तर प्रदेश में अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ का अगला निशाना महराजगंज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ओम प्रकाश यादव बने हैं। शासकीय कामों में अनियमितता एवं लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण छात्र हितों की अनदेखी करने के आरोप में उन्हें …

महाराजगंज। उत्तर प्रदेश में अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ का अगला निशाना महराजगंज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ओम प्रकाश यादव बने हैं। शासकीय कामों में अनियमितता एवं लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण छात्र हितों की अनदेखी करने के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से दायित्व मुक्त कर सचिवालय से संबद्ध कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यादव को शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में महराजगंज के बीएसए के दायित्व से मुक्त कर फिलहाल आरोपों की जांच होने तक लखनऊ स्थित सचिवालय से संबद्ध कर दिया गया है। बीएसए के खिलाफ लगे आरोपों की जांच गोरखपुर के संयुक्त निदेशक (शिक्षा) को सौंपी गयी है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यादव के खिलाफ लगे आरोपों को प्रारंभिक जांच में सही पाये जाने पर शासन ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अग्रिम जांच में आरोप सही पाये जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

गौरतलब है कि योगी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों से घिरे अधिकारियाें के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। इस क्रम में अब तक प्रशासनिक सेवा के दो तथा पुलिस सेवा के एक अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। योगी सरकार ने सोमवार को औरैया के जिलाधिकारी सुनील वर्मा को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक दायित्व के निर्वाह में लापरवाही की शिकायतों के आधार पर निलंबित किया था। इससे पहले 31 मार्च को सोनभद्र के जिलाधिकारी टी के शिबू को भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के आरोप में और गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार को अपराधों पर नियंत्रण करने में नाकाम रहने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।

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