दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, प्रधानमंत्री मोदी -अमित शाह से की मुलाकात, इन योजनाओं के लिए मांगी मदद

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देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद भवन नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों में हिम प्रहरी योजना लागू किये जाने में केंद्र से सहयोग का अनुरोध …

देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद भवन नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों में हिम प्रहरी योजना लागू किये जाने में केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।

पीएम मोदी को कुमाऊंनी ऐपण वाला स्मृति चिह्न और गृहमंत्री अमित शाह को बुके भेंट करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर के खटीमा) के ग्रामों से हो रहे पलायन को रोकने, दैवीय आपदा में राहत व बचाव कार्यों के लिये पुलिस, आईटीबीपी व एसएसबी के सहयोग से सीमा रक्षक दल/ हिम प्रहरी दलों का गठन किया जाना प्रस्तावित है।

उक्त दल में सम्मिलित व्यक्तियों को प्रोत्साहन भत्ते के रूप में मानदेय प्रस्तावित है। इस पर लगभग 5 करोड़ 45 लाख रुपये का व्यय भार अनुमानित है। इसमें केंद्र का सहयोग निवेदित है। धामी ने राज्य पुलिस को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाए जाने के लिये राज्य पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना में प्रति वर्ष 20 से 25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किये जाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अपराध से पीड़ित महिलाओं के राहत व पुनर्वास के लिये निर्भया फंड बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा निर्भया फंड के लिए केंद्र से 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रेषिक किया गया है। उन्होंने उक्त प्रस्ताव को जल्द स्वीकृत किये जाने का भी अनुरोध किया। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता की योजना के तहत उत्तराखंड के लिए 527 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मद में पूर्व में 365 करोड़ की राशि अवमुक्त की गई थी। अब शेष 162 करोड़ रुपये की राशि भी अवमुक्त कर दी गई है। इस प्रकार भारत सरकार द्वारा पूरी धनराशि 527 करोड़ अवमुक्त कर दी गई है।

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