सहारनपुर: अवैध भूमि आवंटन मामले में बड़ी कार्रवाई, दो राजस्व अफसरों समेत चार गिरफ्तार

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सहारनपुर। यूपी के सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में चर्चित खनन माफिया हाजी इकबाल के 80 बीघा अवैध भूमि आबंटन मामले में बडी कार्रवाई करते हुए एसआईटी और पुलिस ने रविवार को राजस्व विभाग के दो बडे अधिकारियों समेत चार लोगों की गिरफ्तारी कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने रविवार को बताया कि 14 …

सहारनपुर। यूपी के सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में चर्चित खनन माफिया हाजी इकबाल के 80 बीघा अवैध भूमि आबंटन मामले में बडी कार्रवाई करते हुए एसआईटी और पुलिस ने रविवार को राजस्व विभाग के दो बडे अधिकारियों समेत चार लोगों की गिरफ्तारी कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने रविवार को बताया कि 14 अक्टूबर 2021 को बेहट तहसील के राजस्व निरीक्षक दिनेश कुमार ने खनन माफिया हाजी इकबाल द्वारा चलाए जा रहे एक ट्रस्ट को 80 बीघा भूमि के आवंटन के संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था जिस पर बेहट थाने में आईपीसी की धारा 420, 466, 467, 468,471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि इसमें रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद निवासी हकीकत नगर सहारनपुर राजस्व निरीक्षक कार्यालय भूलेख बीरबल सिंह पुत्र गेंदाराम निवासी विनय विहार कालोनी पेपर मिल रोड सहारनपुर, हलका लेखपाल मोहम्मद शोएब निवासी 62 फुंटा रोड सब्जी मंडी दिल्ली पैलेस सहारनपुर रजिस्ट्रार कानूनगो पवन सिंह बेहट, सुरेंद्र एवं संजय निवासी ग्राम शेरपुर पेलो थाना मिर्जापुर नामजद किए गए थे। इन सभी पर आरोप था कि उन्होंने अभियुक्तों द्वारा आपसी षडयंत्र से अपने सह अभियुक्तों को सदोष लाभ पहुंचाने के लिए जमीन का बैनामा वहीद एजुकेशनल एवं चेरिटेबल ट्रस्ट न्यू भगत सिंह कालोनी बाजोरिया रोड सहारनपुर के नाम किया था।

आकाश तोमर ने इस मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी जांच में दोषी पाते ही बेहट पुलिस ने जनेश्वर प्रसाद, बीरबल सिं को जेल भेज दिया था। दो नामजद अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है जबकि सुरेंद्र और संजय को बेहट पुलिस ने आज सुबह चार बजे गंदेवड तिराहा से गिरफ्तार किया है। जिन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।एसएसपी ने बताया कि खनन माफिया इकबाल को अवैध पट्टे आबंटन की भूमि के और प्रकरण भी जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में शामिल है। उन पर भी यथाशीघ्र कार्रवाई होगी।

जानकारी के मुताबिक चर्ष 16,17, 18 के दौरान इकबाल उर्फ बाल्ला ने राजस्व अधिकारियों की सांठगांठ से गांव अलीपुर अकबर जो नदी के किनारे बेचिरागा मोजा है, की जमीन अवैध रूप से पट्टों के रूप में अपने निकट के नाम पहले आवंटित कराई फिर उसे भूमिधर कराया और बाद में अपने नाम बैनामें कराकर उस पर मेडिकल कालेज का भवन निर्मित करा दिया। इकबाल बाल्ला की जांच प्रवर्तन निदेशालय समेत कई केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

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