मुरादाबाद : एनएच-9 बना खतरनाक, हर तीन किलोमीटर पर ब्लैक स्पॉट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सौरभ सिंह, अमृत विचार। पाकबड़ा से (एनएच-9) गागन तिराहा तक का सफर बेहद जोखिम भरा है। रोड बनावट में इंजीनियरिंग संबंधी खामी के चलते महज 15 किलोमीटर के इस हिस्से में कुल पांच ब्लैक स्पॉट बन गए हैं। हालिया तीन महीने में ही यहां 14 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें छह लोगों की मौत …

सौरभ सिंह, अमृत विचार। पाकबड़ा से (एनएच-9) गागन तिराहा तक का सफर बेहद जोखिम भरा है। रोड बनावट में इंजीनियरिंग संबंधी खामी के चलते महज 15 किलोमीटर के इस हिस्से में कुल पांच ब्लैक स्पॉट बन गए हैं। हालिया तीन महीने में ही यहां 14 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें छह लोगों की मौत भी हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वाहन चालकों से यहां टोल वसूल करता है। इसके बदले में वाहन चालकों को सुरक्षित और निर्बाध सफर का भरोसा देता है। लेकिन, एनएचएआई के अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह भरोसा काफी पहले ही टूट चुका है।

आलम यह है कि हाईवे की यात्रा सुरक्षित नहीं दिख रही है। सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट की मानें तो जिले में कुल 10 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें पांच ब्लैक स्पॉट अकेले एनएच-नौ पर महज 15 किमी के स्ट्रैच में हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन पांच ब्लैक स्पॉट का चयन 2019 में किया गया था। तब से अब तक इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक इन ब्लैक स्पॉट पर लगातार हादसे हो रहे हैं।

तीन साल बाद भी तीन प्वाइंट्स पर नहीं हुई कार्रवाई
सड़क सुरक्षा समिति ने वर्ष 2019 में एनएचएआई को तीन ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर रोड इंजीनियरिंग की खामी दूर करने को कहा था। यह तीनों प्वाइंट छपरा मोड़, टीएमयू कट और पाकबड़ा टैंपू स्टैंड हैं। इनमें से एनएचएआई ने किसी भी प्वाइंट पर अब तक कोई सुधार नहीं किया है।

पीडब्ल्यूडी को दी तीन अन्य प्वाइंट की जिम्मेदारी
सड़क सुरक्षा समिति ने एनएच नौ के तीन अन्य प्वाइंट पर खतरा टालने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। पीडब्ल्यूडी को इन स्थानों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव कॉशनरी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप लगाना है। लेकिन, एनएचएआई ने इसके लिए बजट जारी नहीं किया है। यह तीनों प्वाइंट गागन तिराहा, प्रेम वंडरलैंड के पास और रामगंगा नदी के पुल के पास हैं।

आईआईटी के ऑडिट में तय हुआ था जटपुरा ब्लैक स्पॉट
मैनाठेर के जटपुरा गांव में एसएच 148 पर बना ब्लैक स्पॉट आईआईटी दिल्ली के सेफ्टी ऑडिट में चुना गया था। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर इसमें सुधार करने के लिए शासनादेश जारी हुआ और इस शासनादेश के मुताबिक टेंडर जारी किया गया है। इसमें सुधार के लिए ब्लैक स्पॉट पर जेब्रा क्रासिंग, रिपीटेड बार, एज लाइन और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र का बोर्ड तो लगा दिया गया है, लेकिन अभी भी रेट्रो रिफ्लेक्टिव कॉशनरी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप व स्पीड टेबल का काम बाकी है।

सड़क पर लगातार काम चल रहा है। मई महीने तक एनएच नौ पर बने यह सभी ब्लैक स्पॉट खत्म कर दिए जाएंगे।
-राकेश कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई

यह ब्लैक स्पॉट 2019 में ही चयनित हुए थे। अभी तक इनमें सुधार नहीं हुआ है। इसके चलते हादसे हो रहे हैं। -अशोक कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सभी ब्लैक स्पॉट पर गहनता से चर्चा हुई है। संबंधित विभागों को इसमें तत्काल सुधार के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है।-क्षवि सिंह, एआरटीओ व नोडल अधिकारी सड़क सुरक्षा समिति

ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : चिंताजनक! मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्री सुरक्षा नहीं…मुख्यालय से गुजरती हैं 110 ट्रेनें

संबंधित समाचार