रहने के तरीके से प्रभावित होता है चरित्र व व्यक्तित्व : डॉ. प्रदीप कुमार राव

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गोरखपुर। आयुर्वेद के आरोग्यता नियमों में नियमित और संयमित दिनचर्या बहुत महत्वपूर्ण है। हमारा निरोग रहना या स्वस्थ रहना हमारी दिनचर्या पर निर्भर है। स्वस्थ शरीर के लिए सबसे पहले मन को ठीक करना होता है। हम जहां रहते हैं, वहां हमारे आचरण से ही हमारे चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण होता है। ऐसे में …

गोरखपुर। आयुर्वेद के आरोग्यता नियमों में नियमित और संयमित दिनचर्या बहुत महत्वपूर्ण है। हमारा निरोग रहना या स्वस्थ रहना हमारी दिनचर्या पर निर्भर है। स्वस्थ शरीर के लिए सबसे पहले मन को ठीक करना होता है। हम जहां रहते हैं, वहां हमारे आचरण से ही हमारे चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण होता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम अपने रहने के स्थान पर सकारात्मकता के भाव से रहें, वहां अपनी ऊर्जा का प्रयोग अपने लक्ष्यों के प्रति करें।

यह बातें महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कही। वह मंगलवार को इसी विश्वविद्यालय की संस्था गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में बीएएमएस प्रथम वर्ष के छात्रों के दीक्षा पाठ्यचर्या समारोह (ट्रांजिशनल करिकुलम) के तेरहवें दिन “हमारा छात्रावास” विषय पर छात्रों से संवाद कर रहे थे। डॉ. राव ने कहा कि आवसीय शिक्षण व्यवस्था में रहने वाले विद्यार्थियों का छह घण्टे का समय अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में बीतता है तो 18 घण्टे का समय छात्रावास में।

ऐसे में इस बात की योजना जरूरी हो जाती है कि छात्रावास की दिनचर्या कैसे व्यवस्थित करें जिससे हमारे अध्ययन का मूल उद्देश्य फलीभूत हो सके। निश्चित ही छात्रावास में अध्ययन का वातावरण एक अनिवार्य पहलू है। आपका व्यवस्थित कमरा न केवल अध्ययन बल्कि स्वाध्याय के लिए भी महत्वपूर्ण है और ज्ञानवान बनने के लिए आपको स्वाध्याय पर ध्यान केंद्रित करना होता है। उन्होंने छात्रावास की सुविधाओं और अन्य पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करने के साथ इसके प्रति छात्रों के दायित्वों का भी बोध कराया।

एक अन्य सत्र में गुरु गोरखनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में क्रिया विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रिया नायर ने “नो योर सिलेबस” विषय पर बीएएमएस के पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।आज के कार्यक्रमों में गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉ. पी. सुरेश, प्रो. (डॉ) एसएन सिंह, प्रो. (डॉ) गणेश बी. पाटिल एसोसिएट प्रो. डॉ. पीयूष वर्षा, एसोसिएट प्रो. डॉ. दीपू मनोहर, असिस्टेंट प्रो. डॉ. सुमित कुमार, असिस्टेंट प्रो. डॉ. प्रज्ञा सिंह आदि की सक्रिय सहभागिता रही।

ट्रांजिशनल करिकुलम का समापन आज

गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में 28 मार्च से चल रहे बीएएमएस प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के दीक्षा पाठ्यचर्या (ट्रांजिशनल करिकुलम) समारोह का समापन बुधवार, 13 अप्रैल को सुबह 11 बजे से होगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में झांसी-ललितपुर के सांसद एवं वैद्यनाथ आयुर्वेद समूह के प्रबंध निदेशक अनुराग शर्मा, मुख्य वक्ता के रूप में भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जीएन सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पंचकर्म विभाग के आचार्य डॉ. रामचंद्र रेड्डी उपस्थित रहेंगे।

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