बाराबंकी: गर्मी के प्रकोप से बढ़ी बीमारियां, अस्पतालों में लगा मरीजों का तांता

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बाराबंकी। गर्मी के बढ़ते तापमान ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जून-जुलाई की गर्मी का एहसास अप्रैल के शुरुआती दौर में होने लगा है। इससे जिले के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, डायरिया,उल्टी,दस्त बुखार और फूड प्वाइजनिंग जैसी दिक्कतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश कुशवाहा …

बाराबंकी। गर्मी के बढ़ते तापमान ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जून-जुलाई की गर्मी का एहसास अप्रैल के शुरुआती दौर में होने लगा है। इससे जिले के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, डायरिया,उल्टी,दस्त बुखार और फूड प्वाइजनिंग जैसी दिक्कतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

जिला अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश कुशवाहा ने बताया अस्पताल की ओपीडी में 20% मरीज ऐसे हैं। जिन्हें उल्टी दस्त वह मौसमी बीमारियों ने जकड़ रखा है। चिकित्सकों की माने तो इस बार शुरुआती दौर में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने के कारण बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आकर प्रभावित हो रहे हैं।

इसके बचाव के लिए दिन में 4 से 5 बार पानी और पुदीने का प्रयोग करते रहे। इसके साथ दिन में एक बार शरीर को ग्लूकोज की अच्छी मात्रा दे। यदि आवश्यक ना हो तो सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कड़कड़ाती धूप में बाहर ना निकले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरबी राम ने बताया कि आज लगभग 90 अभिभावकों के बच्चों को देखा गया है। जिनमें उल्टी दस्त फूड प्वाइजनिंग डायरिया व सीजनली बीमारियों के 20% बच्चे शामिल है। वातावरण में 40% का तापमान वैसे तो सभी के लिए हानिकारक है। लेकिन छोटे-छोटे नौनिहालों व बुजुर्गों पर ज्यादा प्रभाव डाल रहा है। दोपहर में स्कूल से आते समय इन बच्चों का विशेष ध्यान रखना है। बुजुर्गों का भी तेज धूप से बचाव करना है।

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