हल्द्वानी: पांच डिवीजनों के 122 वन कर्मी कर रहे 22 रास्तों पर पहरेदारी
हल्द्वानी, अमृत विचार। ग्रामीणों को जंगलों में जाने से रोकने के लिए पांच वन डिवीजनों का 122 कर्मचारी बसानी से काठगोदाम तक 22 रास्तों पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं। वहीं, आदमखोर बाघ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है। रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज में आदमखोर बाघ या बाघिन ने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। ग्रामीणों को जंगलों में जाने से रोकने के लिए पांच वन डिवीजनों का 122 कर्मचारी बसानी से काठगोदाम तक 22 रास्तों पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं। वहीं, आदमखोर बाघ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है।
रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज में आदमखोर बाघ या बाघिन ने आतंक मचाया हुआ है। अभी तक छह लोग इसका शिकार हो चुके हैं। फिर भी लोग मॉर्निंग वॉक, घास और लकड़ी लेने के लिये जंगलों में जा रहे हैं। इस पर वन विभाग ने बेल बसानी से काठगोदाम तक जंगल में जाने वाले 22 रास्तों पर 122 कर्मचारी की नियुक्ति की है। ये कर्मचारी सुबह छह बजे से शाम 5:30 बजे तक रास्तों पर पहरेदारी कर रहे हैं।
- बाघ के लिए चार मचानों पर रात भर जाग रहे वन कर्मी
बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के बाद पकड़ने के लिए वन विभाग ने चार मचान बनाये हैं। तीन मचानों में जाम नगर से आए पशु चिकित्सकों व वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम और एक मचान पर फतेहपुर वन रेंज के कर्मी मचान पर डटे हुए हैं। वे शाम छह बजे मचान पर पहुंच जाते हैं और रात भर इंतजार करते हैं। लेकिन, बाघ फिर भी पकड़ में नहीं आ रहा है।
हाथी गश्त हुई बंद
फतेहपुर के जंगलों में बाघ की तलाश के लिए हाथी की गश्त बंद हो गई है। दरअसल, वन कर्मी दिन भर रास्तों में पहरेदारी और रात्रि में मचान पर डटे हुए हैं। इस वजह से हाथी गश्त बंद हो गई है। दरअसल, बाघ की तलाश के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से आशा और गोमती दो हथिनियां मंगाई गई थी। इनमें गोमती बीमार होने की वजह से पहले ही वापस जा चुकी है। अब आशा से भी गश्त नहीं हो रही है। आशा को स्वस्थ्य रखने के लिए मॉर्निंग वॉक पर भेजा जा रहा है।
अभी तक बाघ को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। गुरुवार को तो बाघ ट्रैपिंग कैमरा में भी नहीं दिखाई दिया। बाघ को पकड़ने के लिए मचान से निगरानी जारी है।
- केआर आर्य, रेंजर फतेहपुर वन रेंज, रामनगर वन डिवीजन
