गरमपानी: छह राजस्व उपनिरीक्षक पर दो तहसीलों की 18 राजस्व पट्टियों का जिम्मा
गरमपानी, अमृत विचार। राजस्व उप निरीक्षकों की कमी से गांवों के लोगों को ही परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा, बल्कि कई सरकारी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इस कारण कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक राजस्व उपनिरीक्षक पर तीन से चार राजस्व पट्टियों का जिम्मा है। राजस्व उपनिरीक्षकों …
गरमपानी, अमृत विचार। राजस्व उप निरीक्षकों की कमी से गांवों के लोगों को ही परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा, बल्कि कई सरकारी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इस कारण कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक राजस्व उपनिरीक्षक पर तीन से चार राजस्व पट्टियों का जिम्मा है। राजस्व उपनिरीक्षकों की कमी के चलते लाखों की लागत से बनाई गई पटवारी चौकियां भी वीरान हो चुकी हैं।
बेतालघाट तथा कोश्याकुटोली तहसील में अट्ठारह राजस्व पट्टियां हैं। एक राजस्व पट्टी में करीब बारह से ज्यादा गांव शामिल है। दूरदराज के गांवों के लोग कार्य कराने के लिए पटवारी चौकियों में पहुंचते हैं लेकिन राजस्व उपनिरीक्षकों के मिलने से मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ता है। आलम यह है कि एक राजस्व उपनिरीक्षक के पर तीन से चार राजस्व पट्टियों का जिम्मा है। राजस्व उपनिरीक्षकों की कमी के कारण लाखों रुपयों की लागत से बनाई गई पटवारी चौकिया भी बदहाल हैं।
रखरखाव ना होने से पटवारी चौकियां वीरान हो चुकी हैं। कई जगह झाड़ियां तक उग चुकी हैं। वहीं, कुछ चौकिया जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। एसडीएम राहुल शाह का कहना है कि फिलहाल पटवारियों को रोस्टर बनाकर चौकियों में बैठने के निर्देश दिये गये हैं। बदहाल हो चुकी चौकियों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
