लखनऊ : पांच सालों में पांच करोड़ युवाओं को नौकरी देगी योगी सरकार
लखनऊ। टीम योगी ने पीएम मोदी की मंशा और गृहमंत्री अमित शाह की देखरेख में मिशन 2024 को साधना शुरू कर दिया है। योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में युवाओं को सरकारी नौकरी और स्व-रोजगार दोनों को प्राथमिकता पर रखने की तयशुदा रणनीति पर काम करने लगी है। आने वाले समय में सरकार न सिर्फ …
लखनऊ। टीम योगी ने पीएम मोदी की मंशा और गृहमंत्री अमित शाह की देखरेख में मिशन 2024 को साधना शुरू कर दिया है। योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में युवाओं को सरकारी नौकरी और स्व-रोजगार दोनों को प्राथमिकता पर रखने की तयशुदा रणनीति पर काम करने लगी है। आने वाले समय में सरकार न सिर्फ तमाम विभागों में खाली पड़े पदों को तेजी से भरना चाहती है बल्कि स्वरोजगार के लिए आवश्यक मदद देने की भी कवायद हो रही है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत वित्त विभाग अगले 100 दिनों में 21000 करोड़ रुपये का ऋण बांटने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगले पांच वर्ष में बैंकों के सहयोग से प्रदेश के वार्षिक क्रेडिट को पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का प्रयास हो। इससे लगभग पांच करोड़ रोजगार सृजित होंगे।
योगी सरकार रोजगार सृजन को गति देने के लिए स्वयं सहायता समूहों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, किसान क्रेडिट कार्डधारकों, मत्स्य पालकों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे के उद्योगों को लोन देने पर जोर दे रही है। महानिदेशक संस्थागत वित्त शिव सिंह यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने अगले 100 दिनों, छह माह और पांच वर्षों के दौरान ऋण प्रवाह की कार्ययोजना तैयार की है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगले तीन माह में एक बड़े ऋण मेले लगेंगे, जिसमें बैंकों के माध्यम से न्यूनतम एक लाख उद्यमियों को लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
अगले छह माह के दौरान स्वरोजगार को गति देने के लिए 51000 करोड़ रुपये के कर्ज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पांच सालों में दो लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण का खाका खींचा गया है। इसके लिए प्रदेश में बैंकिंग सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। आगामी एक वर्ष में प्रदेश में जहां 700 नई बैंक शाखाएं खोलने की योजना है, वहीं अगले छह माह में 7000 नए बैंकिंग आउटलेट खोले जाएंगे।
हर परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ युवाओं को उद्यमी बनने की राह को और आसान बनाने जा रहे हैं। अब युवा उद्यमी बनकर दूसरे लोगों को रोजगार दे सकेंगे। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में परियोजना लागत को 25 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ करने की तैयारी है। इससे युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिल सकेंगे। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 साल में हर परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार देने का है। साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में नंबर एक बने।
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