IPL 2022 : केकेआर के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बताया- युजवेंद्र चहल के खतरे पर टीम में विस्तार से हुई थी चर्चा
मुम्बई। केकेआर के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा कि युजवेंद्र चहल उनकी टीम के लिए कितना बड़ा ख़तरा हो सकते हैं, इस संबंध में टीम के खिलाड़ियों के बीच विस्तार से चर्चा भी हुई थी। मैकुलम ने चहल को राजस्थान की जीत का श्रेय देने के साथ-साथ मैच के अंतिम ओवरों में केकेआर के बल्लेबाज़ों …
मुम्बई। केकेआर के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा कि युजवेंद्र चहल उनकी टीम के लिए कितना बड़ा ख़तरा हो सकते हैं, इस संबंध में टीम के खिलाड़ियों के बीच विस्तार से चर्चा भी हुई थी। मैकुलम ने चहल को राजस्थान की जीत का श्रेय देने के साथ-साथ मैच के अंतिम ओवरों में केकेआर के बल्लेबाज़ों पर भी हार का ठीकरा फोड़ा। मैकुलम ने कहा, “शायद चार ओवर बाक़ी थे, हम ड्राइविंग सीट पर मज़बूती से बैठे थे। फ़िर कुछ मूर्खतापूर्ण ग़लतियां और दबाव को न संभाल पाने की क़ीमत हमें चुकानी पड़ी।”
मैकुलम ने मैच के बाद कहा ,”चार ओवर में 40 रनों की दरकार थी और हमारे हाथ में छह विकेट बचे हुए थे। ऐसी स्थिति में अब मैच जीतने के प्रबल दावेदार थे, लेकिन इसका श्रेय चहल को जाता है। वह न सिर्फ़ एक शानदार गेंदबाज़ हैं, बल्कि वह उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें दबाव की स्थिति परेशान नहीं करती है। हमने बैठकों में इस बारे में विस्तार से बात की कि वह कितना बड़ा ख़तरा साबित हो सकते हैं और हम खेल के महत्वपूर्ण क्षणों में उन्हें विकेट नहीं देना चाहते थे। अगर उस ओवर को दोबारा खेलने का मौक़ा मिलता तो हम उसे अलग तरीक़े से खेलते और तेज़ गेंदबाज़ों पर आक्रमण करने के लिए जाते।” शायद इस तरह से विकेट गिरे जिससे मैकुलम ज़्यादा परेशान हुए। वेंकटेश अय्यर और श्रेयस अय्यर दोनों फ़्लाइट में चूके। यह दोनों गेंद क्रमशः गुगली और लेग ब्रेक थी।
हालांकि, दो विकेट गिरने के बाद मैकुलम के पास अभी जीत की उम्मीद बरक़रार थी। पैट कमिंस पूरे आईपीएल में संयुक्त रूप से सबसे तेज़ अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं, जो उन्होंने इस प्रतियोगिता में पहले मारा था। श्रेयस का विकेट गिरने पर कमिंस का आना तय था, लेकिन स्पिन के ख़िलाफ़ उनका रिकॉर्ड ठीक वही है जो उन्हें ऑलराउंडर बनने से रोकता है। सभी टी20 क्रिकेट में, उनका स्पिन के ख़िलाफ़ 87.75 का स्ट्राइक रेट और 10.75 का औसत है, जबकि पेस के ख़िलाफ़ यह क्रमशः 155.71 और 20.7 का है। मैकुलम कमिंस को पेस के सामने उतारना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कमिंस को चहल से बचाने की कोशिश की। इसलिए शिवम मावी को कमिंस से पहले भेजा गया। हालांकि, मावी ने पहली ही गेंद को हवा में खेल दिया, जिस वजह से कमिंस को चहल की आख़िरी गेंद खेलने के लिए मैदान में आना पड़ा और पहली ही गेंद पर उन्हें पवेलियन की राह भी पकड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
कमिंस गुगली की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन चहल वास्तव में हैट्रिक के लिए भी बेताब नहीं थे। यहां भी, रॉयल्स अधिक व्यावहारिक तौर पर खेल रहे थे। चहल ने कहा कि बाद में वह एक डॉट गेंद के साथ ख़ुश हो जाते, लेकिन वह कमिंस के पाले में गेंद नहीं करना चाहते थे। लखनऊ सुपर जायंट्स के विरुद्ध खेले गए मुक़ाबले की यादें चहल के ज़हन में अभी भी ताज़ा थीं, जहां वह 18वें ओवर में लालची हो गए। उन्होंने नंबर दस के बल्लेबाज़ को गुगली गेंद डाली, जिसका खामियाज़ा उन्हें छक्का खाकर भुगतना पड़ा। इसके परिणाम स्वरूप स्कोर का बचाव करने के लिए डेब्यू कर रहे कुलदीप सेन को अंतिम ओवर में दबाव में आकर गेंदबाज़ी करनी पड़ी।
केकेआर पसंदीदा थे, अंतिम चार में 40 की ज़रूरत थी। केकेआर के बल्लेबाज़ मुक़ाबले में पहले ही चहल की धुनाई कर चुके थे। नारायण के विपरीत, अपना अंतिम ओवर शुरू करने से पहले यह मैच चहल के लिए एक साधारण मैच ही था। यह कहना सुविधाजनक है कि केकेआर के बल्लेबाज़ों को चहल के ओवर को संभलकर खेलना चाहिए था।
अपने सेट बल्लेबाजों को एक ऐसे गेंदबाज़ को संभलकर खेलने के लिए कहना हास्यास्पद लगता है, जिसके आंकड़े 3-0-38-1 हों। हालांकि मैकुलम चहल की प्रतिभा को जानते हैं। मैकुलम ने कहा, “जब दबाव हो तो आप चहल जैसे अच्छे खिलाड़ियों को खेल में प्रवेश नहीं करने दे सकते। वह अभी बहुत अच्छे हैं। हमने क्रिकेट का अच्छा खेल खेला लेकिन हमने कुछ मूर्खतापूर्ण ग़लतियां कीं। जॉस बटलर ने एक शतक बनाया, युज़ी चहल ने एक हैट्रिक सहित पांच विकेट अपने नाम किए, और हम सिर्फ़ सात रन से हार गए। इसलिए हमने अच्छा खेल खेला, लेकिन हम दूसरे स्थान पर रहे।”
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