विशाखापट्टनम से लेकर लखनऊ तक जुड़ रहे एटा में पकड़े गये किडनी निकालने वाले गिरोह के तार, राजधानी के एक निजी होटल में 8 दिन तक रखा गया था पीड़ित

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लखनऊ। यूपी के एटा जिले में पकड़े गये किडनी गिरोह के सदस्यों के तार विशाखापट्टनम से लेकर लखनऊ तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। एटा पुलिस ने मानव अंग की तस्करी करने के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि …

लखनऊ। यूपी के एटा जिले में पकड़े गये किडनी गिरोह के सदस्यों के तार विशाखापट्टनम से लेकर लखनऊ तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। एटा पुलिस ने मानव अंग की तस्करी करने के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति को किडनी लगायी गयी है,वह लखनऊ का ही रहने वाला है। इतना ही नहीं पीड़ित युवक की किडनी लेने के बाद उसे रुपये देने के लिए लखनऊ बुलाया गया था, इस दौरान मोहनलाल गंज स्थित एक निजी होटल में आठ दिनों तक रखा गया था।

दरअसल, एटा के नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी किशन कश्यप टिक्की बेचने का काम करता था, इसी बीच उसे पैसों की कुछ जरूरत पड़ गयी। पीड़ित किशन ने अपनी समस्या को लेकर अपने दोस्त अश्वनी से बात की । बताया जा रहा है यहीं से किडनी की खरीद फरोख्त तथा पीड़ित युवक को झांसे में लेने का काम शुरू हुआ।

एटा एसएसपी उदय शंकर सिंह के मुताबिक विशाखापट्टनम निवासी राजेश उर्फ प्रतीक नाम के व्यक्ति ने अश्वनी उर्फ रॉकी को बताया कि यदि कोई किडनी बेच कर पैसा कमाना चाहे तो वह उससे सम्पर्क कर सकता है। जिस पर अश्वनी ने पीड़ित युवक से बात की, किशन को एक किडनी देने के बदले 24 लाख रुपये देने का लालच दिया गया । इसमें अश्वनी को एक लाख बीस हजार रुपये अलग से कमीशन के तौर पर देना तय हुआ। बात तय होने के बाद राजेश द्वारा विशाखापट्टनम आने के लिए टिकट भेज दिया गया।

किशन कश्यप व अश्वनी के विशाखापट्टनम पहुंचने पर राजेश उर्फ प्रतीक द्वारा श्री लेखा नामक लॉज में रुकवाया गया तथा श्री लेखा लॉज से आधा किमी दूरी पर स्थित दुर्गा हास्पिटल में डॉक्टर माधव द्वारा ऑपरेशन कर किडनी निकाली गई। जिसके एवज में एसबीआई बैंक शाखा मोहनलाल गंज लखनऊ का एक 24 लाख रुपये का चेक किशन कश्यप को दे दिया गया। साथ ही 70 हजार रुपये नकद खर्च के लिए अश्वनी उर्फ रॉकी को राजेश के द्वारा दिए गए तथा विशाखापट्टनम से आगरा तक की टिकट करा दी, जिससे अश्वनी व किशन वापस आगरा आ गये।

लेकिन बताये गये पैस पीड़ित युवक को नहीं मिले, जिसके बाद किशन कश्यप, अश्वनी व दीपक उपाध्याय लखनऊ गये, जहां पर अश्वनी एक अन्य साथी शिवाजी शुक्ला द्वारा उन तीनों को स्काई उदय होटल में रुकवाया गया। शिवाजी शुक्ला द्वारा बताया गया की बड़ी रकम का चेक है यदि आप एटा में लगायेंगे तो आपकी जांच हो सकती है, जिस पार्टी को किडनी दी गई है, वह लखनऊ के ही रहने वाले हैं। उन्हीं के माध्यम से आपको बैंक से कैश दिला देगें। शिवाजी शुक्ला ने यह भी बताया कि इस कार्य में कई दिन का वक्त लग सकता है इसी कारण अश्वनी उर्फ रॉकी व दीपक उपाध्याय वापस एटा आ गये ।

इस तरह खुला पूरा मामला

बीते गुरुवार शाम एटा में एक युवक को पेड़ से बांध कर पिटाई का वीडियों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। जिसमें एक युवक को पेड़ से बांधकर एक युवक पीट रहा था, बंधक युवक पर आरोप था कि इसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर एक युवक का अपहरण किया और फिर किसी और शहर में ले जाकर उसकी किडनी निकाल ली। पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तब घटना का खुलासा हुआ।

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