रायबरेली: महिला श्रमिक के जीवन के साथ खिलवाड़ करना अस्पताल को पड़ा महंगा, हुआ सीज
रायबरेली। ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिला श्रमिक के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल पर प्रशासन का चाबुक चला है। सीएचसी अधीक्षक ने पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचकर उसे सीज कर दिया है। मामला खीरों क्षेत्र के पाहो रोड स्थित एक निजी अस्पताल का है। इस अस्पताल में दो दिन एक ईंट …
रायबरेली। ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिला श्रमिक के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल पर प्रशासन का चाबुक चला है। सीएचसी अधीक्षक ने पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचकर उसे सीज कर दिया है।
मामला खीरों क्षेत्र के पाहो रोड स्थित एक निजी अस्पताल का है। इस अस्पताल में दो दिन एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिला को एक्सपायरी दवा दे दी गई थी। जिससे उसकी हालत खराब हो गई थी।
बाद में मामले की जानकारी होने पर उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद पीड़ित ने मामले की लिखित तहरीर कोतवाली आए अन्य अधिकारियों को दी थी। इस मामले में सोमवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. इफ्तखार अहमद और कोतवाल आदर्श सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अस्पताल को सीज कर दिया है। पुलिस मामले में अस्पताल संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर रही है।
यह है पूरा मामला
महोबा जिले के गांव सेवार निवासी जयपाल ने बताया कि शनिवार की रात वह उसकी पत्नी जीतू के पेट में अचानक दर्द होने लगा था। वह उसे लेकर कस्बा खीरों के आरोही हॉस्पिटल में गया था। जहां उसकी पत्नी को एक इंजेक्शन दिया गया। साथ ही एक्सपायरी दवाएं दे दी गई। इसके बदले में उससे 2500 रुपए नगद ले लिए गए।
इसके बाद भी दवाओं के 1100 और इंजेक्शन के 1400 रुपए अलग से क्लीनिक संचालक ने मांगा। इसके पास पास पैसा नहीं था,तो उसने अपने भट्ठा मालिक को फोन किया। क्लीनिक पहुंचे भट्ठा मालिक ने जब दवाई देखा तो सभी दवाइयां एक्सपायरी डेट की थी और साथ ही जब दवा का बिल मांगा तो क्लीनिक संचालक भड़क गया और कहासुनी होने लगी क्लीनिक संचालक ने पीड़िता के पति से आपसी सुलह समझौता कर लिया। उसके बाद पीड़ित कोतवाली पहुंचा और मामले की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की ।जिस पर अब कार्रवाई हुई है।
