शाहजहांपुर: सपा नेताओं ने की डेढ़ घंटे जांच, फिर 30 मिनट तक किये डीएम से सवाल

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निगोही (शाहजहांपुर),अमृत विचार। भाजपा छोड़कर सपा में गए नेता पूर्व विधायक रोशन लाल की बहू की सम्पत्ति पर बुलडोजर चला। प्रशासन की इस कार्यवाही से सपा में काफी रोष व्याप्त है, जिसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जांच दल का गठन किया था। सोमवार को जांच दल सपा नेता रोशन लाल वर्मा की पुत्रवधू …

निगोही (शाहजहांपुर),अमृत विचार। भाजपा छोड़कर सपा में गए नेता पूर्व विधायक रोशन लाल की बहू की सम्पत्ति पर बुलडोजर चला। प्रशासन की इस कार्यवाही से सपा में काफी रोष व्याप्त है, जिसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जांच दल का गठन किया था। सोमवार को जांच दल सपा नेता रोशन लाल वर्मा की पुत्रवधू के घर पर पहुंचा, वहां पर पूर्व विधायक की समस्याओं को समझा और जहां पर बुलडोजर द्वारा ध्वस्त किये निर्माण को भी देखा।

ध्वस्त निर्माण के मौके की करीब डेढ़ घंटे की जांच के बाद सपा नेताओं ने पहले निगोही में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से वार्ता की, फिर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलक्ट्रेट में डीएम उमेश प्रताप सिंह और एसपी एस. आनंद से सवाल किये। साथ ही गलत ढंग से की गई कार्यवाई के लिए जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही नुकसान की भरपाई कराये जाने की मांग की।

बता दें कि 21 अप्रैल को पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की पुत्र वधू रुचि वर्मा के भवन का प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए बुल्डोजर से ध्वस्त करा दिया था। प्रशासन की इस कार्यवाई को सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने सत्तापक्ष की बदले की भावना बताते हुए पार्टी के हाईकमान को रिपोर्ट भेजी थी, जिसके बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं का जांच दल गठित कर मौका मुआयना करने को कहा था।

सोमवार दोपहर करीब दो बजे प्रतिनिधि मंडल में शामिल पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एमएलसी डॉ.राजपाल कश्यप, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, राजेश वर्मा, रणंजय यादव व कपिल सिंह वर्मा आदि रोशन लाल वर्मा के आवास पर पहुंचे। वहां करीब डेढ़ घंटे तक मामले की जानकारी लेने के बाद थाने के सामने पूर्व विधायक की पुत्रवधू रुचि वर्मा के तोड़े गए भवन को देखा।

डेढ़ घंटे की जांच करने के बाद सपा नेताओं ने सवाल उठाया कि जब 25 वर्ग वर्ग मीटर का अवैध निर्माण बताया गया तो 2000 वर्ग मीटर पर तोड़फोड़ क्यों की गई? इसके अलावा गाटा संख्या एक है तो पड़ोस वाले भवन को क्यों छोड़ा गया? इसी गाटा संख्या पर बने थाने के आवासीय क्वार्टरों को क्यों छोड़ दिया गया? अकेले पूर्व विधायक की पुत्रवधू के भवन को बदले की भावना से गिराया गया। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि रोशनलाल वर्मा जब भाजपा में थे तब यह निर्माण ठीक था।

उनके सपा में आते ही वे गलत हो गए। उन्होंने उस समय कार्यरत रहे अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व एमएलसी शशांक यादव ने कहा कि पूर्व विधायक की पुत्र वधू को कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया। सपा के जांच दल ने कहा कि पूरी रिपोर्ट सपा मुखिया अखिलेश यादव को दी जाएगी। इस मामले को विधानसभा और लोकसभा में उठाया जाएगा।

निगोही में जांच के बाद सपा के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम उमेश प्रताप सिंह से मुलाकात कर वार्ता की। डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा की पुत्र वधू रूचि वर्मा निगोही में प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भवन तोड़ दिया गया। कहा कि प्रशासन ने नोटिस नहीं दिया, जमीन भवन के आधे भाग को पूर्व में रोशन लाल वर्मा ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को दान में दिलवाया था।

राजस्व न्यायालय में गैर कृषि भूमि घोषित किया जा चुका है। डीएम से मांग की कि सरकार के दबाव में रूचि वर्मा के निर्माण को ध्वस्त किया गया, उसे ठीक कराया जाए। दोषी कर्मचारियों से रूचि को मुआवजा दिलवाने के साथ मुकदमा दर्ज किया जाए।

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