मुरादाबाद : अब प्रत्येक शिकायतकर्ता को थाने से दिया जाएगा टोकन

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। सीधे कप्तान के पास जाकर यह कहने वाले सावाधान हो जाएं कि थाने पर उनकी सुनवाई नहीं हुई और पुलिस ने उन्हें धक्के देकर भगा दिया। उनका झूठ पल भर में ही पकड़ लिया जाएगा। एसएसपी हेमंत कुटियाल की तकनीकी टीम ने इसके लिए शिकायत निवारण प्रणाली के नाम से एक गूगल …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सीधे कप्तान के पास जाकर यह कहने वाले सावाधान हो जाएं कि थाने पर उनकी सुनवाई नहीं हुई और पुलिस ने उन्हें धक्के देकर भगा दिया। उनका झूठ पल भर में ही पकड़ लिया जाएगा। एसएसपी हेमंत कुटियाल की तकनीकी टीम ने इसके लिए शिकायत निवारण प्रणाली के नाम से एक गूगल फार्म बनाया है। सभी थानों को इस एप पर शिकायत अपलोड करने का निर्देश दे दिया गया है। अब थाने जाने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता को एक टोकन दिया जाएगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने बताया कि उनके आफिस में शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बारे में थानों से फीडबैक लिया गया तो पता चला कि थानों दिनभर में चार-पांच फरियादी ही पहुंच रहे हैं। उनके कार्यालय में आने वाले अधिकांश शिकायतकर्ताओं का एक ही जवाब होता है कि साहब थाने गए थे, सुनवाई नहीं हुई। थाना पुलिस ने उन्हें धक्के देकर भगा दिया।

इसी को सुधारने के लिए उनकी तकनीकी टीम में शामिल रितिक पाठक आदि ने शिकायत निवारण प्रणाली के नाम से एक गूगल फार्म बनाया है। यह फार्म सभी थानों को दे दिया गया है। इसमें थाने पर आने वाली शिकायतें रोजाना अपलोड की जाएंगी। इसके बाद एसएसपी की तकनीकी टीम इनकी मॉनीटरिंग करेगी। इसके साथ ही सीओ और एएसपी भी इनकी निगरानी करेंगे। थाने पर जाने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता को टोकन दिया जाएगा। इसमें उसकी शिकायत का नंबर दर्ज होगा। इस टोकन नंबर से कप्तान अपने कंप्यूटर में उसका प्रार्थना पत्र और उस पर की जा रही कार्रवाई के बारे में पल भर में ही पता लगा सकेंगे।

एसएसपी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप यह योजना साइबर और महिला हेल्प डेस्क के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इस गूगल फार्म में प्रार्थी का नाम-पता, मोबाइल नंबर, पिता का नाम, जांच अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर आदि दर्ज किया जाएगा।

यह फार्म सीधा एसएसपी की आईडी से खुलेगा। इस योजना के पूरी तरह अमल में आने के बाद एसएसपी आफिस पहुंचने वाला फरियादी यदि यह कहता है कि वह थाने गया था, कार्रवाई नहीं हुई और भगा दिया गया तो क्षणभर में ही पता लग जाएगा की वह थाने गया था या नहीं। इसमें यह भी पता चल जाएगा कि वह किस तारीख को थाने गया था।

दरअसल इस योजना के लागू करने के पीछे एसएसपी का मुख्य उद्देश्य जनता को उनके थाने में ही न्याय दिलाना है। ताकि जनता का समय और पैसा बर्बाद होने से बचे। साथ ही ऐसे लोगों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा जो थाने जाते ही नहीं हैं और सीधे कप्तान के पास आकर कह देते हैं कि थाना पुलिस ने धक्के मार कर भगा दिया। शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए कप्तान पल भर में ही दूध का दूध और पानी का पानी कर सकेंगे।

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