नेपाल में डॉक्टरों ने दो दिन की वीकेंड पॉलिसी पर जताई चिंता
काठमांडू। नेपाल में डॉक्टरों ने देश में दो दिवसीय सप्ताहांत नीति को फिर से पेश करने के सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे अस्पतालों में बैकलॉग बढ़ेगा। नेपाल के मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। चिकित्सा पेशेवरों ने माना कि सप्ताहांत के नियम के कारण देश में …
काठमांडू। नेपाल में डॉक्टरों ने देश में दो दिवसीय सप्ताहांत नीति को फिर से पेश करने के सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे अस्पतालों में बैकलॉग बढ़ेगा। नेपाल के मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। चिकित्सा पेशेवरों ने माना कि सप्ताहांत के नियम के कारण देश में हजारों रोगियों को परेशानी होगी। एक अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, कुछ ऐसे मरीज हैं जिन्हें सर्जरी के लिए तीन साल तक इंतजार करना पड़ता है।
डॉक्टर केवल उन रोगियों की तुरंत सर्जरी करते हैं जो गंभीर स्थिति में हैं या जिन्हें आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता है। स्थानीय अखबार ‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, कम गंभीर स्थिति वाले मरीजों को पहले ही महीनों या सालों तक इंतजार करना पड़ता रहा है। अखबार ने शिक्षण अस्पताल के निदेशक काफले के हवाले से बताया कि यह उन लोगों के लिए अनुचित होगा जो सर्जरी के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
अगर दो दिन के सप्ताहांत के नियम के कारण उन्हें दूसरी तारीख दी जाती है या उनकी सर्जरी स्थगित कर दी जाती है तो उनके साथ अन्याय होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 2,000 मरीज काठमांडू के बड़े अस्पतालों में आते हैं और देश भर से मरीज भी चिकित्सकीय सलाह के लिए यहां आते हैं।
समाचार पत्र ने बताया कि शिक्षण अस्पताल के डॉक्टर सप्ताह में एक बार गुर्दा प्रत्यारोपण सर्जरी करते हैं और यह सेवा केवल दो रोगियों को प्रदान की जाती है। मामलों के बैकलॉग को देखते हुए सप्ताहांत की छुट्टियाें से अन्य मरीजों की सर्जरी की तारीखें अपने आप आगे बढ़ जायेंगी। त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के मेडिसिन इंस्टीट्यूट में डीन दिब्या सिंह शाह ने कहा, “प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी है।
हम कोरोनोवायरस महामारी के दौरान कोई प्रत्यारोपण नहीं कर सके। मरीजों को हमारे अस्पताल में प्रत्यारोपण के लिए छह महीने से एक साल तक इंतजार करना पड़ता है।” अखबार ने बताया कि 15 मई से लागू होने वाले कैबिनेट के फैसले के अनुसार, शनिवार और रविवार को सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
सरकारी अस्पताल, जो पहले ही शनिवार को प्रत्यारोपण सेवाएं प्रदान नहीं कर रहे थे, अब रविवार को भी सेवाएं बंद कर देंगे। गौरतलब है कि नेपाल सरकार ने मंगलवार को लागत में कटौती, विशेष रूप से पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग कम करने के उद्देश्य से दो दिवसीय सप्ताहांत नीति शुरू करने का निर्णय लिया।
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