वाराणसी में बनेगा सिल्क एक्सचेंज, लागत में कमी और उत्पादन में इजाफे पर जोर
वाराणसी। गुणवत्ता और कारीगरी में देश दुनिया में अलग पहचान दर्ज करा चुके बनारसी सिल्क उद्योग को एक नया आयाम स्थापित कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार संजीदगी से काम कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि बनारस में पारंपरिक रेशम उद्योग से जुड़े हुए कारीगरों के हुनर और …
वाराणसी। गुणवत्ता और कारीगरी में देश दुनिया में अलग पहचान दर्ज करा चुके बनारसी सिल्क उद्योग को एक नया आयाम स्थापित कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार संजीदगी से काम कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि बनारस में पारंपरिक रेशम उद्योग से जुड़े हुए कारीगरों के हुनर और हौसलों को नई उड़ान मिलने जा रही है।
योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा दिया जबकि मौजूदा कार्यकाल में भी इनके उत्थान के लिए बड़े कदम उठा रही है। वाराणसी में सिल्क एक्सचेंज बनाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गयी है। इससे बनारसी सिल्क की लागत में कमी आएगी और उत्पादन भी बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि सिल्क एक्सचेंज से व्यापारियों और बुनकरों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण रेशम मिलेगी। इसके लिए सरकार बुनकरों को कच्चा रेशम उपलब्ध कराने के लिए सिल्क एक्सचेंज में कर्नाटक सिल्क मार्केटिंग बोर्ड (केएसएमबी) कार्यालय खोलने जा रही है। सूत्रों ने बताया कि सिल्क एक्सचेंज खोलने के पीछे सरकार की मंशा है कि बुनकरों को अच्छी क्वालिटी का कच्चा माल उचित मूल्य पर मिले।
इससे रेशम व्यापारियों और विनिर्माण इकाइयों के लिए लागत भी कम हो जाएगी। अगले छह महीने में क्षेत्र के बुनकरों को सिल्क एक्सचेंज से भी जोड़ने की योजना है। वहीं, ओडीओपी योजना के तहत सिल्क एक्सचेंज के डिजिटाइजेशन पर भी काम किया जाएगा।
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