अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों का सामना करने के लिए चिकित्सकों को होना पड़ेगा प्रशिक्षित : मुख्य सचिव
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 35 वीं बैठक शनिवार को संपन्न हुई। लोहिया संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक भवन में हुयी इस बैठक में संस्थान की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों तथा भविष्य में होने वाले कार्यो पर चर्चा हुयी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव …
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 35 वीं बैठक शनिवार को संपन्न हुई। लोहिया संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक भवन में हुयी इस बैठक में संस्थान की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों तथा भविष्य में होने वाले कार्यो पर चर्चा हुयी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने मातृभाषा हिंदी पर जोर देते हुए अपने संबोधन में संस्थान की स्थापना से अब तक के अल्प समय की उपलब्धियों, विशेषकर पिछले दशक की गतिशील व अभूतपूर्व प्रगति के लिए संस्थान की निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद व संस्थान के सभी संकाय सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि
संस्थान को मुख्यत: दो क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रगति करनी पड़ेगी। एक तो चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण क्षेत्र, जिसमें उन्हें यहां से प्रशिक्षित छात्रों एवं चिकित्सकों को आने वाले समय और भविष्य के अनुरूप अन्तर्राष्टिय स्तर की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित होना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि संस्थान का दूसरा महत्वपूर्ण विशिष्ट कार्य है चिकित्सकीय क्षेत्र में जनता और रोगियों को तृतीयक सुपरस्पेशलिटी उपचार एवं चिकित्सा (टर्शियरी सुपर स्पेशलिटी ट्रीटमेंट एंड केयर) प्रदान करना, जिसके मानक भी किसी मायने में अंतरराष्ट्रीय स्तर से कम नहीं होने चाहिए।
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