हरदोई: एक्स-रे यूनिट का फर्जीवाड़ा, धरने से उड़े अफसरों के होश

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। मेडिकल कालेज की एक्स-रे यूनिट में किए गए फर्ज़ीवाड़े का मामला फिलहाल थमता हुआ नज़र नहीं आ रहा है। असरदार लोगो के इशारे पर किए गए इस तरह के खेल को बे-पर्दा करने के लिए बात अब सड़क पर पहुंच गई। सारा कुछ एक तरफा करने के इरादे से सरकारी चिट्ठी को फाड़ कर …

हरदोई। मेडिकल कालेज की एक्स-रे यूनिट में किए गए फर्ज़ीवाड़े का मामला फिलहाल थमता हुआ नज़र नहीं आ रहा है। असरदार लोगो के इशारे पर किए गए इस तरह के खेल को बे-पर्दा करने के लिए बात अब सड़क पर पहुंच गई। सारा कुछ एक तरफा करने के इरादे से सरकारी चिट्ठी को फाड़ कर फेंक दिया गया था।

डाक्टरों का पैनल बना कर दोबारा मेडिकल कराने की आवाज़ उठाते हुए डीएम दफ्तर के बाहर धरना शुरू होते ही अपनी ज़िद पर अड़े ज़िम्मेदारों के होश उड़ गए। सुनने में आ रहा है सीएमएस डा.जेएन तिवारी ने दोबारा पैनल बना कर दोनों का दोबारा मेडिकल कराने को कहा है।

अब देखना यह है कि आखिर कब तक झूठ को झूठ और सच को सच साबित किया जा सकता है। इसे ले कर अटकलों का बाज़ार काफी गर्म है।

बताते चलें कि 12 अप्रैल को टड़ियावां थाने के रमदानकुई कुलदीप यादव और अविनाश त्यागी के बीच झगड़ा हुआ था।इसके बाद दोनों का मेडिकल कराया गया। एक्स-रे यूनिट के रेडियोलॉजिस्ट डा.अरुण कुमार ने असरदारों के इशारे पर एक्स-रे की फर्ज़ी रिपोर्ट तैयार कर दी थी।

जिस पर महेश यादव ने डीएम से की शिकायती में कहा था कि एक्स-रे में फर्ज़ीवाड़ा करते हुए दूसरे पक्ष की फर्ज़ी रिपोर्ट तैयार कर दी। उनके बेटे कुलदीप का पुलिस ने मेडिकल और एक्स-रे कराया था। आरोप है कि अविनाश त्यागी ने पुलिस को साथ ले कर अपना मेडिकल कराया। रेडियोलॉजिस्ट से सांठ-गांठ करते हुए सिर की हड्डी के टूटी हुई दिखाई गई। इसकी शिकायत होने से फर्ज़ीवाड़ा सामने आया। सीएमएस डा.जेएन ने डाक्टरों का पैनल बना कर दोनों पक्षो का दोबारा मेडिकल कराने के लिए पुलिस को सरकारी चिट्ठी भेजी। सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि अविनाश त्यागी का दोबारा मेडिकल कराने के लिए भेजी गई चिट्ठी को फाड़ कर फेंक दिया गया। लेकिन इसका भी खुलासा हुआ तो ज़िम्मेदार एक-दूसरे की बगलें झांकने लगे।

सीएमएस ने दोबारा मेडिकल कराने के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की थी, लेकिन चिट्ठी के न पहुंचने से डाक्टरों का पैनल सारे दिन डटा रहा, लेकिन उनके सामने कोई पहुंचा ही नहीं। कुलदीप यादव का कहना है कि दूसरे पक्ष को बचाने के लिए सारा खेल खेला जा रहा है। उसने इंसाफ के लिए दोबारा अर्ज़ी दी, लेकिन ज़िम्मेदारों की नींद नहीं टूटी।

इसके बाद सोमवार को कुलदीप अपने परिवार के साथ डीएम दफ्तर के सामने पहुंच कर वहां धरने पर बैठ गया। इसकी भनक लगते ही सीएमएस ने आनन-फानन में एक और चिट्ठी जारी करते हुए पैनल से मेडिकल कराने के लिए दूसरी तारीख तय की।

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