बरेली: बाल कल्याण समिति ने मां को सौपी नाबालिग
बरेली, अमृत विचार। अनाथालय पहुंची 15 साल की नाबालिग लड़की को उसकी मां को सौंप दिया गया। अनाथालय वालों ने लड़की के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस की मदद ली। नाबालिग के पिता की मौत हो चुकी हैं और उसके परिवार में उसकी मां और तीन अन्य भाई बहन हैं। घर में विवाद …
बरेली, अमृत विचार। अनाथालय पहुंची 15 साल की नाबालिग लड़की को उसकी मां को सौंप दिया गया। अनाथालय वालों ने लड़की के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस की मदद ली। नाबालिग के पिता की मौत हो चुकी हैं और उसके परिवार में उसकी मां और तीन अन्य भाई बहन हैं। घर में विवाद होने पर मां ने ही उसे अनाथालय जाने के लिए कहा था।
अनाथालय में रविवार की दोपहर को रिक्शे वाला 15 साल की नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा था। अनाथालय प्रबंधन के लोगों ने जब उससे बात की तो पता चला कि पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से दिल्ली में रह रहे उसके पिता की मौत हो गई थी। कुछ माह पहले उसकी मां की भी मौत हो गई लेकिन इसके बाद बच्ची के बताए गए पते पर पुलिस की मदद से जानकारी जुटाई गई तो पता लगा कि बच्ची देवरनिया थाने के मोहनपुर गांव की रहने वाली है और उसकी मां जिंदा है।
फिर पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को बुलाया। सोमवार को बच्ची की मां बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुई। इस दौरान चाइल्ड लाइन से काउंसलर सौरभ गंगवार व टीम सदस्य रिया सिंह द्वारा बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसके बाद नाबालिग की मां ने बताया कि परिवार के अन्य लोग हर रोज विवाद करते थे। उसका एक बेटा बाहर रहकर मजदूरी करता है। उसने ही बच्ची को अनाथालय जाने के लिए बोला था। जिसके बाद बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट दिनेश चंद्र ने बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया।
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