मुरादाबाद : दुष्कर्म करने वाले पति के खिलाफ महिला ने दी गवाही, दस वर्ष की कैद
मुरादाबाद, अमृत विचार। नर्सिंग की छात्रा को गुमराह करते हुए उसकी आबरू लूटने के आरोपी पति के खिलाफ कोर्ट में पत्नी ही खड़ी हो गई। पति के खिलाफ पत्नी की गवाही को महत्वपूर्ण मानते हुए कोर्ट ने आरोपी को दस वर्ष की सजा व जुर्माने के रूप में 32 हजार रुपये जमा करने का आदेश …
मुरादाबाद, अमृत विचार। नर्सिंग की छात्रा को गुमराह करते हुए उसकी आबरू लूटने के आरोपी पति के खिलाफ कोर्ट में पत्नी ही खड़ी हो गई। पति के खिलाफ पत्नी की गवाही को महत्वपूर्ण मानते हुए कोर्ट ने आरोपी को दस वर्ष की सजा व जुर्माने के रूप में 32 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया।
28 अक्टूबर 2016 को पाकबड़ा पुलिस को नर्सिंग की एक छात्रा ने तहरीर दी। बताया कि वर्ष 2012 में उसने पाकबड़ा स्थित एक कालेज में नर्सिंग कोर्स के लिए दाखिला लिया। इस दरम्यान छात्रा की मुलाकात नर्सिंग कालेज के कर्मचारी प्रीतम सिंह निवासी ग्राम समाथल थाना पाकबड़ा से हुई। बाचतीत में प्रीतम सिंह ने छात्रा पर डोरे डाले। छात्रा को अच्छे नंबर व कोर्स पूरा होते ही अच्छी नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाया। छात्रा प्रीतम सिंह के झांसे में आ गई। इसका फायदा उठाते हुए प्रीतम सिंह छात्रा का शारीरिक शोषण करने लगा। उसने खुद को अविवाहित बताया था।
कुछ समय बाद छात्रा ने प्रीतम सिंह पर शादी करने का दबाव बनाया। टालमटोल के बाद नौ जून 2016 को प्रीतम सिंह छात्रा के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय मुरादाबाद पहुंचा। वहां दोनों ने विवाह का पंजीकरण कराया। शादी बाद दोनों किराए का कमरा लेकर पाकबड़ा में ही रहने लगे। कुछ दिनों बाद छात्रा के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुमन नाम की एक महिला छात्रा से मिली। बातचीत में सुमन ने दावा किया कि प्रीतम पहले से ही शादीशुदा है। प्रीतम उसका पति है। इस मुद्दे पर छात्रा व सुमन के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। विवाद बाद छात्रा किराए का कमरा छोड़कर पिता के घर चली गई। कुछ दिन बाद वापस लौट कर पीड़िता ने आरोपित के खिलाफ पाकबड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक प्रथम योगेंद्र चौहान की कोर्ट में शुरू हुई।
विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार यादव ने बताया कि गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हो गई। कुछ छह गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज हुए। इसमें आरोपी की पत्नी सुमन भी शामिल रही। सुमन ने पति पर लगे दुष्कर्म के आरोप को सही बताया। सुमन का बयान महत्वपूर्ण माना गया। कोर्ट ने आरोपित को दुष्कर्म व धोखाधड़ी का दोषी माना। प्रीतम सिंह को दस वर्ष कैद व 32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माने का 50 प्रतिशत धन पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का कोर्ट ने आदेश दिया दिया है।
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