हल्द्वानी: प्रदेश में राशन कोटे में गेहूं घटाने, चावल बढ़ाने की तैयारी

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मनीष तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत केंद्र सरकार उत्तराखंड में राशन कोटे में गेहूं घटाने और चावल बढ़ाने की तैयारी में है। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने इस योजना के तहत 61 लाख पात्रों के लिए आरएफसी (क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक) को पांच महीने के लिए स्टॉक की …

मनीष तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत केंद्र सरकार उत्तराखंड में राशन कोटे में गेहूं घटाने और चावल बढ़ाने की तैयारी में है। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने इस योजना के तहत 61 लाख पात्रों के लिए आरएफसी (क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक) को पांच महीने के लिए स्टॉक की योजना भेजी है, उसमें पूर्व के मुकाबले गेहूं 10840 मीट्रिक टन (एमटी) कम और चावल 19839 एमटी ज्यादा दर्शाया गया है। जो आंकलन किया गया है, उससे एक पात्र का डेढ़ किग्रा तक गेहूं घट सकता है तो वहीं चावल डेढ़ किग्रा तक बढ़ सकता है। इस बार गेहूं खरीद में भारी कमी इसका बड़ा कारण माना जा रहा है।

पीएमजीकेएवाई के तहत केंद्र सरकार उत्तराखंड को पूर्व में मई से सितंबर तक के लिए 18582 एमटी गेहूं और 12388 एमटी चावल स्टॉक देती थी। जिसके चलते अब तक तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल प्रति यूनिट दिया जा रहा था। अब तक इस जरूरत के सापेक्ष एफसीआई आरएफसी को गेहूं और चावल का स्टॉक भेजती थी। लेकिन, इस बार वह इन खाद्य पदार्थों में बड़ा परिवर्तन करने वाली है।

एफसीआई ने आरएफसी को जो स्टॉक योजना भेजी है, उसमें 23227.5 मीट्रिक टन चावल और 7742.5 मीट्रिक टन गेहूं दिया जाएगा। आरएफसी विभाग की टीम ने इस स्टॉक और प्रदेश के कुल लाभार्थियों की तुलना करते हुए आंकलन किया तो गेहूं डेढ़ किग्रा के करीब और चावल साढ़े तीन किग्रा के करीब पाया गया।

यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके बाद इसे निर्धारित किया जा सकता है। जानकारों की मानें तो पूरे देश में गेहूं खरीद को लेकर आई बड़ी कमी के कारण एफसीआई के पास भी गेहूं का संकट रहेगा। इसी वजह से उत्तराखंड ही नहीं देश के कई अन्य प्रदेशों में भी गेहूं की मात्रा घटाई गई है।

उत्तर प्रदेश सहित चार प्रदेशों में राशन कोटे से गायब हो सकता है गेहूं
– पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश सहित चार राज्यों में राशन कोटे से गेहूं पूरी तरह से गायब हो सकता है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले राशन में यह कमी देखी जा सकती है। गेहूं खरीद संकट से जूझ रहे एफसीआई ने केंद्र शासित सहित 36 प्रदेशों की गेहूं और चावल की स्टॉक सूची तैयार की है। उसमें चार प्रदेशों के स्टॉक में गेहूं की मात्रा शून्य दर्शायी गई है। हालांकि, चावल की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है। एफसीआई ने उत्तर प्रदेश में आरएफसी को 743719.87 मीट्रिक टन चावल का स्टॉक योजना भेजी है। इस बार यूपी के अलावा जिन प्रदेशों में गेहूं की मात्रा शून्य दर्शाई गई है, उसमें बिहार, केरल तमिलनाडू भी है। 15 अन्य प्रदेश भी हैं, लेकिन वहां पूर्व से ही राशन कोटे में गेहूं नहीं दिया जाता है।

एजेंसियों के पास नहीं पहुंचे किसान, 601 एमटी गेहूं बेचा
-सरकार द्वारा इस बार बोनस नहीं दिया जाना और बाजार में समर्थन मूल्य (2015 प्रति कुंतल) से ज्यादा गेहूं की कीमत मिलने के कारण किसान अपनी फसल बाजार में बेच रहे हैं। महंगाई बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए स्टॉक भी किए जा रहे हैं। इसका असर आरएफसी के कुमाऊं की सीडब्ल्यूसी और एसडब्ल्यूसी गोदामों पर पड़ रह है। कुमाऊं में एक अप्रैल से अब तक मात्र 154 किसानों ने 601 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। आरएफसी से संबंद्ध चार एजेंसियों (नैफेड, एनसीसीएफ, यूकेपीसीयू, यूकेयूएसएस) के ऊधमसिंह नगर में लगे तोल कांटों पर एक भी किसान नहीं पहुंचा। चम्पावत खाद्य विभाग व सहकारिता विभाग की गेहूं खरीद शून्य रही है। वहीं, नैनीताल खाद्य विभाग को तीन किसानों ने 6.60 एमटी और यूएसनगर को 53 किसानों ने 356.85 एमटी, जबकि सहकारिता विभाग नैनीताल को 74 किसानों ने 124.43 व यूएसनगर को 24 किसानों ने 113.15 एमटी गेहूं बेचा है।

वर्ष 2021-22 में 66.32 फीसदी हुई थी गेहूं खरीद
क्रय केंद्र/संख्या लक्ष्य खरीद
खाद्य विभाग/30 45 हजार 33882.11
सहकारिता विभाग/136 1.20 लाख 76632.15
नैफेड/19 12 हजार 10346.40
एनसीसीएफ 8 हजार 1842.65
कुल 1.85 लाख 122703.31

पीएमजीकेएवाई के तहत एफसीआई की ओर से प्रदेश के लिए जो स्टॉक दर्शाया गया है, उसमें पहले की अपेक्षा गेहूं घटा है और चावल बढ़ा है। लेकिन, कोटे में घटाने बढ़ाने संबंधित कोई निर्देश नहीं आया है। शासन के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
हरवीर सिंह, आरएफसी कुमाऊं

 

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