बरेली: तालाबों की भूमि पर कब्जे की शिकायत करना पड़ा भारी

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अमृत विचार, बरेली। सुंदरपुर गांव के एक ग्रामीण को तालाबों की जमीन पर दबंगों के कब्जा करने की शिकायत भारी पड़ गई। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारियों ने गांव के तालाब की भूमि तो कब्जा मुक्त नहीं कराई, बल्कि उसके खिलाफ राजस्व संहिता की गलत धारा में कार्रवाई कर दी। पीड़ित चिंरौजी लाल पुत्र …

अमृत विचार, बरेली। सुंदरपुर गांव के एक ग्रामीण को तालाबों की जमीन पर दबंगों के कब्जा करने की शिकायत भारी पड़ गई। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारियों ने गांव के तालाब की भूमि तो कब्जा मुक्त नहीं कराई, बल्कि उसके खिलाफ राजस्व संहिता की गलत धारा में कार्रवाई कर दी।

पीड़ित चिंरौजी लाल पुत्र लक्ष्मण प्रसाद के अनुसार गांव के तालाबों की भूमि पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत उसके भतीजे गजेंद्र पटेल एडवोकेट ने उप जिलाधिकारी सदर से की थी। आरोप है कि शिकायत पर हल्का लेखपाल ने तालाब की भूमि की पैमाइश तो की नहीं बल्कि प्रार्थी के पैतृक संपत्ति पर बने 60 साल पुराने मकान को राजस्व संहिता में फंसा दिया। इसकी शिकायत कमिश्नर से की। कमिश्नर ने उप जिलाधिकारी की कमेटी बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए।

इस पर कुछ गाटा संख्याओं की जांच हुई और कब्जाधारियों को मौखिक चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि हल्का लेखपाल दबंगों के प्रभाव में हैं और मिलीभगत कर उन्हें बचाने का प्रयास का कर रहा है। सोमवार को 18 ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपर जिलाधिकारी प्रशासन से मिलकर पुन: जांच कराने के लिए हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र सौंपा। इस दौरान ग्रामीण नरेंद्र राणा, चौधरी राशिद खां, आरके शर्मा, विकास सक्सेना, आफताब आलम, अजीम खान, अशरफ अली, मिक्की खान, कपिल अग्रवाल, रहमान, मुकुल दीक्षित समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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