ऊंचे भाव के कारण अप्रैल में भारत का सोया खली निर्यात 65 प्रतिशत गिरा

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इंदौर। ऊंची कीमतों के कारण वैश्विक मांग में कमी के चलते भारत से अप्रैल के दौरान सोया खली का निर्यात करीब 65 प्रतिशत घटकर महज 40,000 टन रह गया। अप्रैल 2021 में देश से 1.15 लाख टन सोया खली का निर्यात गया था। प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के …

इंदौर। ऊंची कीमतों के कारण वैश्विक मांग में कमी के चलते भारत से अप्रैल के दौरान सोया खली का निर्यात करीब 65 प्रतिशत घटकर महज 40,000 टन रह गया। अप्रैल 2021 में देश से 1.15 लाख टन सोया खली का निर्यात गया था। प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सोपा के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने  बताया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली के भाव अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना के इस उत्पाद के मुकाबले लंबे समय से ऊंचे बने हुए हैं। भारतीय सोया खली की मांग में जारी गिरावट का सबसे प्रमुख कारण यही है।’’ गौरतलब है कि अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना की गिनती दुनिया के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादकों के रूप में होती है।

प्रसंस्करण संयंत्रों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाले उत्पाद को सोया खली कहते हैं। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ पशु आहार तथा मुर्गियों का दाना भी तैयार किया जाता है।

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