रुद्रपुर: मरीज को ऑपरेशन थिएटर में बेहोश छोड़ छुट्टी पर चले गये डॉक्टर
रुद्रपुर, अमृत विचार। किच्छा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि चिकित्सक ऑपरेशन थिएटर में मरीज को छोड़कर छुट्टी पर चले गये। बाद में परिजन मरीज को दूसरे अस्पताल में ले गये। वहां पर उसका ऑपरेशन कराया गया। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर चिकित्सक की लापरवाही को साझा …
रुद्रपुर, अमृत विचार। किच्छा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि चिकित्सक ऑपरेशन थिएटर में मरीज को छोड़कर छुट्टी पर चले गये। बाद में परिजन मरीज को दूसरे अस्पताल में ले गये। वहां पर उसका ऑपरेशन कराया गया। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर चिकित्सक की लापरवाही को साझा किया है।
आनंद विहार निवासी हरीश कोहली का कहना है कि 10 अप्रैल 2022 को उसे पेट में दर्द हुआ था तो उसने एक अल्ट्रासाउंड करवाया था जिसमें उसके पित्त की थैली में पथरी की शिकायत आई थी। खेड़ा में जब वह अपने एक परिचित को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाने गया तो वहां पर पहले से मौजूद एक व्यक्ति के कहने पर वह किच्छा रोड स्थित अस्पताल में चला गया । बाद में पता चला कि वह अस्पताल का कर्मचारी है। बताया गया कि दूरबीन विधि से चिकित्सक पित्त की थैली से पथरी निकाल देते हैं।
16 अप्रैल को संबंधित चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने इंफेक्शन व सूजन बताते हुये तुरंत भर्ती होने को कहा। हरीश का कहना है कि चिकित्सक की सलाह पर वह अस्पताल में भर्ती हो गया। 21 अप्रैल तक उसे भर्ती कर ड्रिप चढ़ाई गईं। 21अप्रैल को बिना किसी दोबारा के जांच के उसे ऑपरेशन थियेटर में जाया गया। हरीश का कहना है कि वहां उसे ऑपरेशन के लिये बेहोश कर दिया गया।
उसे जब दो घंटे बाद होश आया तो वह ऑपरेशन थियेटर में ही लेटा हुआ था। हरीश के अनुसार, जब उसने थियेटर में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब छुट्टी पर चले गये हैं। तीन दिन बाद लौटेंगे। जब मुझे ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया तो हरीश की पत्नी ने बताया कि ऑपरेशन नहीं हुआ है। तीन दिन बाद चिकित्सक वापस लौटे तो उन्होंने किसी परिजन को केबिन में भेजने को कहा। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिये मना कर दिया। इसके बाद परिजन नैनीताल रोड स्थित एक अस्पताल में ले गये। वहां पर उसका चार दिन तक इलाज चला और वह घर लौटा।
बच्चे का भी कर दिया गया गलत इलाज
रुद्रपुर। एक व्यक्ति ने इस अस्पताल पर आरोप लगाते हुये आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस व्यक्ति का कहना है कि उसके पुत्र की घर में खेलते वक्त मेन गेट में आने से अंगुलियां कट गई थीं। इस अस्पताल में इलाज शुरू हुआ तो एक सप्ताह में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसने डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि अंगुलियां गल रही है, काटनी पड़ेगी फिर हम डर गये। इस व्यक्ति का कहना है कि वह जब दूसरे अस्पताल में अपने बच्चे को लेकर गये तो वहां पर बताया गया कि गलत इलाज की वजह से इंफेक्शन फैल गया।
कई बार चर्चाओं में रहा है अस्पताल
रुद्रपुर। इस अस्पताल की कई बार लापरवाही की बात सामने आ चुकी हैं। पिछले दिनों इस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक महिला का सोने का कड़ा गायब हो गया था। हंगामा मचा तो अस्पताल प्रबंधन ने एक लाख रुपये का चेक देकर मामला रफा दफा किया था। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल का कहना है कि अगर किसी अस्पताल या चिकित्सक के खिलाफ लिखित शिकायत आएगी तो जांच की जायेगी।
