बरेली: बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता की जमानत अर्जी पॉक्सो कोर्ट ने की निरस्त

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बरेली, अमृत विचार। नाबालिग बेटी (15) से दुष्कर्म करने के आरोपी कलयुगी पिता की जमानत अर्जी स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट-3 अनिल कुमार सेठ ने निरस्त कर दी। विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार तिवारी व आलोक प्रधान ने बताया कि पीड़िता ने अपनी मां व भाई के साथ 10 फरवरी को थाना सीबीगंज जाकर पिता …

बरेली, अमृत विचार। नाबालिग बेटी (15) से दुष्कर्म करने के आरोपी कलयुगी पिता की जमानत अर्जी स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट-3 अनिल कुमार सेठ ने निरस्त कर दी। विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार तिवारी व आलोक प्रधान ने बताया कि पीड़िता ने अपनी मां व भाई के साथ 10 फरवरी को थाना सीबीगंज जाकर पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया था कि वह सुबह करीब 7 बजे घर में झाडू लगा रही थी। उसकी मम्मी व भाई ननिहाल गए थे। उसके पिता घर पर थे। पिता ने कमरे में झाडू लगाने को कहा। इसी दौरान कमरे को बंद कर दुष्कर्म किया। यह बात अपनी चाची व बहन को बताई तथा फोन कर मां को भी इसकी जानकारी दी।

पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, मारपीट, धमकी देने समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के उपरांत जेल भेजा था। आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेखित किया कि अवस्यक पुत्री के साथ स्वयं उसके पिता द्वारा दुष्कर्म जैसी घटना कारित किया जाना न केवल पीड़िता को शारीरिक व मानसिक रूप से झकझोर देता है और उसकी गरिमा को आघात पहुॅचाता है, बल्कि पिता और पुत्री के पवित्र रिश्ते को भी कलंकित करता है।

ऐसे अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने से उक्त पीड़िता के प्रति पुनः अपराध कारित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक पिता द्वारा अपने स्वयं की पुत्री के साथ दुष्कर्म की घटना में जमानत दिए जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

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