स्वीडन-फिनलैंड के साथ रक्षा सहयोग मजबूत करेगा फ्रांस

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पेरिस। फ्रांस ने कहा है कि वह नाटो सदस्यता प्राप्त करने का अनुरोध करने वाले स्वीडन और फिनलैंड के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एलिसी पैलेस ने यहां जारी एक बयान में कहा, “फ्रांस यूरोपीय संघ की संधि के अनुच्छेद 42.7 के …

पेरिस। फ्रांस ने कहा है कि वह नाटो सदस्यता प्राप्त करने का अनुरोध करने वाले स्वीडन और फिनलैंड के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एलिसी पैलेस ने यहां जारी एक बयान में कहा, “फ्रांस यूरोपीय संघ की संधि के अनुच्छेद 42.7 के तहत अपनी प्रतिबद्धता और एकजुटता की पुष्टि करता है और दोनों भागीदारों के साथ अपनी सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। इसमें उच्च-स्तरीय राजनीतिक परामर्श और सैन्य भागीदारी बढ़ाने पर बातचीत करना शामिल है।”

उन्होंने कहा कि अगर इन दोनों देशों की संप्रभुता को खतरा होता है तो फ्रांस मजबूती से इसके साथ खड़ा रहेगा। इससे पहले दिन में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर कहा कि उनका देश सैन्य खतरा होने पर फिनलैंड का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि नाटो में देशों की सदस्यता से सामूहिक रक्षा क्षमताओं की सुविधा और उत्तरी अटलांटिक में सुरक्षा को सुदृढ़ होने के आसार है।

नॉर्वे सरकार के अनुसार फ़िनलैंड और स्वीडन पहले से ही सैन्य गठबंधन में शामिल होने की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने भी नाटो में शामिल होने के स्वीडन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है इस प्रक्रिया में अधिक समय नहीं लगेगा। वहीं पोलैंड ने भी इन दोनों देशों के नाटो में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया है। नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने रविवार को कहा कि गठबंधन फिनलैंड और स्वीडन का गर्मजोशी के साथ स्वागत करेगा और उनके सदस्यता आवेदनों की प्रक्रिया में तेजी लायेगा। फिर भी इस प्रक्रिया में कई महीनों का समय लग सकता है।

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