प्रसव के दौरान रक्त स्राव से होती हैं 38 फीसदी मौतें : डॉ. अंजना अग्रवाल
बाराबंकी। जच्चा व बच्चा की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को सफेदाबाद के हिन्द मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग कार्यशाला हुईं। बाल रोग विशेषज्ञों ने नवजात बच्चे की सुरक्षा के सफल उपाय बताए, जिसमें अम्बू बैग, बच्चे को मां के सीने से लगाए जाने जैसे कारगर तरीके बताए। विभागाध्यक्ष प्रो उत्कर्ष बंसल, डॉ. एकांश ने बाल मृत्यु …
बाराबंकी। जच्चा व बच्चा की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को सफेदाबाद के हिन्द मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग कार्यशाला हुईं। बाल रोग विशेषज्ञों ने नवजात बच्चे की सुरक्षा के सफल उपाय बताए, जिसमें अम्बू बैग, बच्चे को मां के सीने से लगाए जाने जैसे कारगर तरीके बताए। विभागाध्यक्ष प्रो उत्कर्ष बंसल, डॉ. एकांश ने बाल मृत्यु दर घटाने के उपाय बताए।
वहीं स्त्री एवं प्रसूति विभाग ने “प्रसव के उपरांत अत्यधिक रक्तस्राव के रोकथाम” विषय पर विचार रखे। इसमें जाने-माने महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली की डॉ. प्रेरणा ने इसके उपचार में कैलबेलोसिन का सुझाव दिया। बताया कि यह दवा प्रसव के बाद रक्तस्राव रोकने तथा संक्रमण को घटाने में बहुत कारगर साबित हो रही है।
महिला एवं प्रसूति विभाग की मुखिया प्रोफेसर अंजना अग्रवाल ने बताया कि भारतवर्ष में महिला- मृत्यु की 38 फीसदी मौतें प्रसव के बाद अत्यधिक रक्त बह जाने होती हैं, जो चिंता का विषय है। इसलिए इस पर गंभीरता पूर्वक कदम उठाने होंगे। इस कार्यक्रम को प्रोफेसर सोनिया लूथरा, डॉ. मधुलिका मिश्रा सहित अन्य विशेषज्ञों ने संबोधित किया। इस मौके पर चेयरपर्सन डॉ रिचा मिश्रा, प्राचार्य प्रोफेसर सुधीर कुमार सहित फैकल्टी मेंबर उपस्थित रहे।
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