पीलीभीत: वाह री पुलिस! मुकदमा हत्या का और विवेचना को दे दी गई खुदकुशी की दिशा
अमृत विचार, पीलीभीत। सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या करने का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। दो दिन से चल रही छानबीन के बाद भी जब पुलिस हत्या से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं जुटा सकी तो अब मामले में नया मोड़ देते हुए खुदकुशी की राह पर छानबीन की जाने लगी …
अमृत विचार, पीलीभीत। सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या करने का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। दो दिन से चल रही छानबीन के बाद भी जब पुलिस हत्या से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं जुटा सकी तो अब मामले में नया मोड़ देते हुए खुदकुशी की राह पर छानबीन की जाने लगी है। हालांकि खुदकुशी को लेकर भी पुलिस अभी तक कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं दिखा सकी है। ऐसे में कहीं न कहीं शहर के बहुचर्चित हत्या के मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर के मोहल्ला आसफजान निवासी भाजपा नेता अरुण गोयल के छोटे भाई पवन गोयल की लाश बृहस्पतिवार रात टनकपुर हाईवे पर कचहरी के एक किमी आगे की तरफ कार में मिली थी। उसकी माथे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
सूचना मिलने पर एसपी समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे और छानबीन चलती रही। रात में ही अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस की दो टीमें सुरागरसी को लगा दी गई थी। पोस्टमार्टम भी रात में ही जिलाधिकारी की अनुमति के बाद करा दिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है।
मगर, हत्यारों का पता लगाने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। अब अफसर इस मामले को खुदकुशी का मोड़ देने का प्रयास करने लगे हैं। हास्यास्पद बात यह है कि हत्या की धारा में दर्ज की गई एफआईआर की विवेचना खुदकुशी के पैटर्न पर की जाने लगी है। मातहत भी खुदकुशी से जुड़े साक्ष्य तलाशने पर अधिक जोर दे रहे हैं।
शनिवार को कोतवाल हरीश वर्धन सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतक भाई समेत अन्य रिश्तेदार भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक पुलिस मौके पर छानबीन के नाम पर लकीर पीटती रही। जिससे परिजन भी खुद को उत्पीड़ित सा मानने लगे। उनको भी पुलिस की इस तरह की कार्रवाई गले नहीं उतर रही थी। फिलहाल अभी मामला सुलझता नहीं दिख रहा है।
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