बहराइच: रिपोर्ट लंबित होने पर तीन सीएचसी अधीक्षकों का रोका वेतन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य लंबित होने पर डीएम ने तेजवापुर, हुजूरपुर और महसी के सीएचसी अधीक्षक का वेतन रोक दिया है। साथ ही सभी सीएचसी में सुरक्षा प्रमाण पत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण की एनओसी जारी करवाने का निर्देश दिया। प्रयास …

बहराइच । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य लंबित होने पर डीएम ने तेजवापुर, हुजूरपुर और महसी के सीएचसी अधीक्षक का वेतन रोक दिया है। साथ ही सभी सीएचसी में सुरक्षा प्रमाण पत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण की एनओसी जारी करवाने का निर्देश दिया।

प्रयास कर प्रगति में सुधार लायें

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र ने किया। बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि आमजन को शासन द्वारा अनुमन्य चिकित्सकीय सुविधाएं मानक के अनुसार उपलब्ध करायी जायें। प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिये गये कि कहीं पर भी टीकाकरण का औसत राज्य के औसत से कम नहीं होना चाहिए। डीएम ने कहा कि जिन सीएचसी का औसत राज्य औसत से कम है प्रयास कर प्रगति में सुधार लायें। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान सीएचसी हुज़ूरपुर, महसी व तेजवापुर से ब्लाक स्तरीय क्वालिटी सेल से सम्बन्धित रिपोर्ट विगत कई माह से पोर्टल पर अपलोड न किये जाने की स्थिति का संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों का अग्रिम आदेशों तक वेतन बाधित किये जाने का निर्देश दिया।

प्रसव केन्द्रों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही भी की जाये

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अग्निशमन सुरक्षा प्रमाण-पत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण के सम्बन्ध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पोषण पुनर्वास केन्द्र पर डायट चार्ट के अनुसार भोजन व नाश्ता की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाय। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रसव केन्द्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन कर जिले के सभी 146 प्रसव केन्द्रों पर मानक के अनुरूप प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें पूरी तरह से क्रियाशील किया जाय। सत्यापन के दौरान फिसड्डी कारगुज़ारी वाले प्रसव केन्द्रों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही भी की जाये। परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि अन्तरा, पीपीआईयूसीडी को बढ़ाया जाय।

प्रभारी चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे

प्रत्येक वीएचएसएनडी दिवस पर मानक के अनुरूप सभी सुविधाएं मुहैय्या करायी जायें साथ ही जनपद व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्र का निरीक्षण भी किया जाय। हाईरिस्क प्रेगनेन्सी प्रसव (एच.आर.पी.) को चिन्हित कर सुरक्षित प्रसव हेतु सभी ज़रूरी कदम उठाये जायें ताकि मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सके। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर एसके सिंह, प्राचार्य मेडिकल कालेज अनिल के साहनी, सीएमएस एमएमएम त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ चन्द्रपाल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

पढ़ें-बहराइच: तीन दिन बाद भी नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर, अंधेरे में हजारों की आबादी

संबंधित समाचार