बाराबंकी: हादसे का सबब बना बिजली का लटकता तार, विभागीय कर्मचारियों की दिखी लापरवाही
अमृत विचार/बाराबंकी। बिजली विभाग जितने भी जतन कर ले किंतु उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने वाली नहीं हैं। क्योंकि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही चरम पर है। लापरवाही का ही नतीजा है कि ग्राम नेवाज पुरवा में एक हफ्ते से तार लटक रहा है। यहां लगी केबिल बड़े हादसे को दावत दे रहा है। वहीं उपभोक्ताओं …
अमृत विचार/बाराबंकी। बिजली विभाग जितने भी जतन कर ले किंतु उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने वाली नहीं हैं। क्योंकि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही चरम पर है। लापरवाही का ही नतीजा है कि ग्राम नेवाज पुरवा में एक हफ्ते से तार लटक रहा है। यहां लगी केबिल बड़े हादसे को दावत दे रहा है। वहीं उपभोक्ताओं को 100 से 200 मीटर दूरी पर पहले कनेक्शन दिया जाता है और फिर आए दिन उनसे वसूली की जाती है।
कस्बा जहांगीराबाद क्षेत्र में करीब एक सप्ताह पूर्व आंधी आयी थी तब से ग्राम नेवाजपुरवा के पास बिजली का तार लटक रहा है। विभागीय लापरवाही इतनी है कि उसे आज तक ठीक नहीं कराया गया है। लटकते इस तार से कभी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं जहांगीराबाद क्षेत्र में एक दर्जन उपभोक्ताओं के कनेक्शन 100 मीटर से अधिक दूरी पर किए गए हैं।
जिससे केबल में आए दिन फाल्ट होती है। इसी फाल्ट को ठीक कराने के नाम पर बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं से वसूली करते हैं। कनेक्शन बांधने, फेस जोड़ने का बिना सुविधा शुल्क लिए काम नहीं करते हैं। इतना ही नहीं मीटर लगाने के नाम पर भी वसूली होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक उपभोक्ता ने बताया कि करीब पांच माह पूर्व घरेलू कनेक्शन कराया था।
बिना लॉक किया मीटर लगा दिया। बिजली केवल 4 दिन ही मिल सकी। दूरी ज्यादा होने से केबल टूटकर गिर गया था। पैसा न देने पर केबल को नहीं जोड़ा गया, जबकि बिजली बिल हर माह आ रहा है। कर्मचारी उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार भी करते हैं।
क्या है मानक
जेई अनिल पाल ने बताया कि किसी भी उपभोक्ता को 40 मीटर से ज्यादा दूरी पर कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। यदि जहां बिजली का प्रयोग होना है। वह 40 मीटर से दूरी पर है तो नियमानुसार वहां पर बिजली पोल लगवाने के बाद ही कनेक्शन दिया जाना चाहिए ।
