रायबरेली: एनटीपीसी ने जैव विविधता के संरक्षण और पुनर्वास के लिये जारी की नीति
रायबरेली। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने जैव विविधता के संरक्षण, पुनर्वास और इसे बढ़ावा देने के लिए व्यापक दृष्टिकोण एवं मार्गदर्शक सिद्धान्तों की स्थापना के लिये नवीकृत जैव विविधता नीति जारी की है। यह जानकारी एनटीपीसी ऊंचाहार की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने दी है। यह जैव विविधता नीति एनटीपीसी …
रायबरेली। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने जैव विविधता के संरक्षण, पुनर्वास और इसे बढ़ावा देने के लिए व्यापक दृष्टिकोण एवं मार्गदर्शक सिद्धान्तों की स्थापना के लिये नवीकृत जैव विविधता नीति जारी की है। यह जानकारी एनटीपीसी ऊंचाहार की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने दी है।
यह जैव विविधता नीति एनटीपीसी की पर्यावरण नीति का अभिन्न हिस्सा है। इसके उद्देश्य पर्यावरणी एवं स्थायित्व की नीतियों के अनुरूप हैं। इसके अलावा एनटीपीसी समूह के सभी पेशेवरों को सहयोग प्रदान करने के लिए यह नीति तैयार की गई है, ताकि वे इस क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान दे सकें।
एनटीपीसी हमेशा से ऐसे क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों के संचालन से बचती रही है, जहां जैव विविधता अधिक हो। कंपनी ने हमेशा सोच-समझ कर अपनी परियोजना साईट्स का चयन किया है। कंपनी आने वाले समय में अपनी सभी साईट्स में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखेगी कि जैव विविधता को कोई नुकसान न पहुंचे और पर्यावरण में सकारात्मक तालमेल बना रहे।
विद्युत जगत की जैव विविधता की अवधारणा को एनटीपीसी की मूल्य श्रृंखला में शामिल करना चाहती है और जैव विविधता के स्थायी प्रबन्धन के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहती है, ताकि एनटीपीसी की सभी यूनिट के आस-पास धरती की जैव विविधता को बनाए रखा जा सके। यह नीति एनटीपीसी के कार्यक्षेत्रों में उन प्रजातियों को सुरक्षित करने में कारगर होगी, लो लुप्तप्राय होने की कगार पर हैं।
एनटीपीसी सार्वजनिक क्षेत्र की पहली उपक्रम है जिसने 2018 में जैव विविधता नीति जारी की। इसी साल एनटीपीसी इंडिया बिज़नेस एण्ड बायोडाइवर्सिटी इनीशिएटिव (आईबीबीआई) की सदस्य बन गई। क्षमता निर्माण के तहत एनटीपीसी विशेषज्ञों के साथ साझेदारी में परियोजना विशिष्ट एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय समुदायों, कर्मचारियों एवं आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सभी एसोसिएट्स को जैव विविधता के बारे में जागरुक बना रही है।
एनटीपीसी जैव विविधता के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्थानीय समुदायों, संगठनों, विनियामक एजेंसियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारियां भी कर रही है। इसके अलावा एनटीपीसी जैव विविधता के संदर्भ में, पर्यावरण, वन, वन्य जीवन, समुद्र तटीय क्षेत्र, से जुड़े सभी नियमों एवं कानूनों का अनुपालन करेगी, तथा अपने परियोजना क्षेत्रों में हरित कवर की योजना भी बनाएगी।
एनटीपीसी द्वारा किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के तहत इसने आन्ध्र प्रदेश के तटीय किनारों पर कछुओं के संरक्षण के लिए आन्ध्र प्रदेश वन विभाग के साथ पांच वर्षीय समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। रु 4.6 करोड़ के आर्थिक योगदान एवं समुदाय में भागीदारी के साथ-साथ एनटीपीसी के हस्तक्षेप के बाद समुद्री जल में छोड़ी जाने वाली हैचिंग्स की संख्या में 2.25 गुना बढ़ोतरी हुई है।
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