बुलंदशहर: नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के दोषियों को पोक्सो अधिनियम न्यायालय ने सुनाई कठोर कारावास की सजा
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो अधिनिमय न्यायालय कक्ष द्वितीय की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के दोषी सुशील और ध्रुव को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साथ अदालत ने 20-20 हजार रुपये का दंड भी लगाया है। आपको बतादें कि नाबालिग 15 साल की पीड़िता …
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो अधिनिमय न्यायालय कक्ष द्वितीय की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के दोषी सुशील और ध्रुव को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साथ अदालत ने 20-20 हजार रुपये का दंड भी लगाया है।
आपको बतादें कि नाबालिग 15 साल की पीड़िता जो 16 दिसंबर को खेत पर चारा काटने के लिए गई थी। दुष्कर्म आरोपित सुशील और ध्रुव इसी दौरान सरसों के खेत से निकले और नाबालिग पीड़िता को जबरन खींच कर खेत में उठा ले गए। आरोपीयों ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ और जबरन दुष्कर्म किया। घटना की सुचना मिलते ही जब पीड़िता के परिजन जब खेत की ओर पहुंचे तो वहां से दुष्कर्म के आरोपी बाइक पर सवार हो कर वहां से फरार हो गए। आरोपियों को ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया है और उन्हे पुलिस के सौंपा गया है।
दुष्कर्म की घटना संज्ञान में लेते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम न्यायालय कक्ष दो के न्यायाधीश तरूण कुमार सिंह ने मामले में गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन व दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर गैंगरेप के आरोपित सुशील व ध्रुव को दोषी पाया है। दोषी सुशील व ध्रुव को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
और दुष्कर्म के आरोपी को कड़ी सजा देने का ऐलान किया। जिससे पूरे सूबे में और आरोपियों के अंदर एक भय पैदा होगा और ये फैसला नजीर के तौर पर देखा जायेगा। इसके साथ ही दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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