हल्द्वानी: सैलानियों को समुदाय, संस्कृति से रूबरू कराएगा ‘कम्यूनिटी टूरिज्म’
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। अब नैनीताल में सैलानी परंपरागत पर्यटन स्थलों के अलावा स्थानीय समुदाय, संस्कृति और सभ्यता से भी रूबरू होंगे। राज्य में पहली बार नैनीताल जिले में समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, नए-नए पर्यटन स्थल विकसित करने के मकसद से जिला प्रशासन ने नई पहल की है। प्रशासन कम्यूनिटी टूरिज्म योजना शुरू करने जा …
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। अब नैनीताल में सैलानी परंपरागत पर्यटन स्थलों के अलावा स्थानीय समुदाय, संस्कृति और सभ्यता से भी रूबरू होंगे। राज्य में पहली बार नैनीताल जिले में समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, नए-नए पर्यटन स्थल विकसित करने के मकसद से जिला प्रशासन ने नई पहल की है। प्रशासन कम्यूनिटी टूरिज्म योजना शुरू करने जा रहा है। इसमें सरकार पर्यटन स्थल विकसित करेगी लेकिन संचालन समुदाय करेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नैनीताल जनपद में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं इन पर्यटकों के पास मौज-मस्ती के लिए गिने चुने ही पर्यटन स्थल हैं। सरोवर नगरी, मुक्तेश्वर, झीलों आदि चिन्हित स्थानों को छोड़ दें तो कहीं पर भी पर्यटन की सुविधाएं विकसित नहीं हैं जबकि नैनीताल जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में इन संभावनाओं को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने कम्यूनिटी टूरिज्म शुरू करने जा रहा है। इसमें प्रशासन समुदाय पर्यटन को विकसित करने में मदद करेगा।
प्रशासन को सौंपना होगा प्रस्ताव…..
कम्यूनिटी टूरिज्म के अंतर्गत नैनीताल जनपद के पर्वतीय या मैदानी, किसी भी क्षेत्र के लोग जिला प्रशासन को विशेष स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सौंपेंगे। प्रशासन उक्त स्थल पर सर्वे करेगा और फिर पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। यह पर्यटन स्थल का संचालन स्थानीय लोग करेंगे। जैसे पर्यटकों का स्वागत, पर्यटन गतिविधयों का संचालन, खान-पान, ठहरने आदि का इंतजाम करना होगा। इस तरह छोटे-छोटे स्थानों पर पर्यटन विकसित होगा।
नैनीताल में कम्यूनिटी टूरिज्म शुरू किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोग प्रशासन को पर्यटक स्थल विकसित करने का प्रस्ताव देंगे। प्रशासन वहां पर्यटन स्थल विकसित करेगा लेकिन इसका संचालन स्थानीय लोग करेंगे। इससे पर्यटकों को नए-नए स्थल मिलेंगे तो स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
= धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी, नैनीताल
कम्यूनिटी टूरिज्म के ये होंगे फायदे
जिले में नए-नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे
पर्यटन व्यवसाय पूंजीपतियों से हटेगा, कमजोर वर्ग के लोग भी पर्यटन कारोबारी बन सकेंगे
जल, जंगल, जमीन का संरक्षण एवं संवर्द्धन होगा
स्थानीय लोगों को घर में ही रोजगार मिलेगा, पलायन की रोकथाम
देशी-विदेशी पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, वेशभूष, खान-पान की जानकारी मिलेगी
