रुद्रपुर: बरेली- पीलीभीत-सितारगंज राजमार्ग निर्माण की अंतिम बाधा पार
रुद्रपुर, अमृत विचार। लंबे समय से अधूरे पड़े सितारगंज-पीलीभीत राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने की आस जग गई है। ऊधमसिंह नगर के हिस्से में 12 किमी के हिस्से में भूमि अधिग्रहण की आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है। अब एनएचएआई अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे के वितरण का काम शुरू करेगी। इसके …
रुद्रपुर, अमृत विचार। लंबे समय से अधूरे पड़े सितारगंज-पीलीभीत राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने की आस जग गई है। ऊधमसिंह नगर के हिस्से में 12 किमी के हिस्से में भूमि अधिग्रहण की आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है। अब एनएचएआई अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे के वितरण का काम शुरू करेगी। इसके लिये संबंधित व्यक्तियों से बैंक खातों का ब्योरा मांगा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 उत्तर प्रदेश के बरेली से शुरू होकर पीलीभीत होते हुये ऊधमसिंह नगर में सितारगंज में मिलता है। यह राजमार्ग हरिद्वार तक जाता है। इस राजमार्ग का निर्माण तीन हिस्सों में शुरू किया गया था। पहला हिस्सा बरेली से लेकर सितारगंज तक, दूसरा हिस्सा सितारगंज से काशीपुर तक, तीसरा हिस्सा काशीपुर से हरिद्वार तक का है।
सितारगंज से लेकर काशीपुर तक राजमार्ग तकरीबन 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जबकि काशीपुर से हरिद्वार तक का काम 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो गया है, लेकिन बरेली से सितारगंज तक का काम सबसे सुस्त गति से चल रहा है। पिछले छह साल से इस राजमार्ग के लिये जमीन अधिग्रहण का ही काम पूरा नहीं हो सका है। पांच अक्टूबर 2021 को एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित गजट नोटिफिकेशन किया और प्रक्रिया शुरू हुई।
ऊधम सिंह नगर में आने वाले तकरीबन 12 किलोमीटर की आपत्तियों के निस्तारण का काम अब जाकर पूरा हुआ है। भूमि अध्याप्ति अधिकारी की रिपोर्ट के बाद अब एनएचएआई ने इस जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के लिये गजट नोटिफिकेशन कर दिया है। साथ ही संबंधित खाताधारकों से बैंक डिटेल व अन्य साक्ष्य मांगे गये हैं। जिससे मुआवजे की रकम उनके खातों में हस्तांतरित की जा सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेंद्र शर्मा का कहना है कि मुआवजा वितरण होते ही जमीन अधिग्रहित कर ली जायेगी।
किस गांव में कितनी जमीन
रुद्रपुर। सितारगंज तहसील के गांवों से कुल 48.54 हेक्टेयर जमीन इस 12 किमी लंबे राजमार्ग के लिये अधिग्रहित की जा रही है। इसमें बघौरा के 28, बघौरी के 36, चीकाघाट के 19, डढहा के 24, गौठा के तीन, गौरी खेड़ा के 67, मलपुरी के 65, नकटपुरा के 38, पंडरी के तीन व पिपलिया नाथ गांव के 29 खातों से जमीन ली जानी है।
भारतमाला परियोजना में शामिल हुआ था ये प्रोजेक्ट
रुद्रपुर। इस राजमार्ग के निर्माण में देरी इसलिये भी हुई है कि सितारगंज से बरेली तक के राजमार्ग को पहले भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया था लेकिन बाद में खटीमा से सीधे पीलीभीत को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया। इसके चलते इस प्रोजेक्ट की डीपीआर फिर से तैयार की गई।
