उत्तराखंड: राज्य को मिलेगा पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर, कार्यशाला में स्वास्थ्य महानिदेशक ने दी जानकारी
देहरादून, अमृत विचार। राज्य में महामारी एवं आपदा जनित रोगों पर निगरानी, त्वरित रोकथाम व नियंत्रण हेतु इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आई.डी.एस.पी.) द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन देहरादून में किया गया। डीजी स्वास्थ्य डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन, बाढ़, भूकंप आदि विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से …
देहरादून, अमृत विचार। राज्य में महामारी एवं आपदा जनित रोगों पर निगरानी, त्वरित रोकथाम व नियंत्रण हेतु इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आई.डी.एस.पी.) द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन देहरादून में किया गया।
डीजी स्वास्थ्य डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन, बाढ़, भूकंप आदि विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से ग्रसित रहता है जिससे संक्रामक, जलजनित व वेक्टर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया के महामारी के रूप में प्रसारित होने की संभावना रहती है। साथ ही जलवायु परिवर्तन के कारण भी विभिन्न रोगों के प्रसारित होने की संभावनाएं होती है।
उक्त चुनौतियों से निपटने एवं संक्रामक व आपदा जनित रोगों पर निगरानी, त्वरित रोकथाम व नियंत्रण हेतु राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली, भारत सरकार व सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर की स्थापना की जाएगी।
कार्यशाला को डॉ. सरोज नैथानी, निदेशक, राष्ट्रीय कार्यक्रम, स्वास्थ्य निदेशालय, उत्तराखंड बताया कि राज्य में अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आम जनसमुदाय को भी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी मैनेजमेंट में प्रशिक्षित किया जायेगा। डॉ. हिमांशु चौहान, संयुक्त निदेशक एवं प्रभारी आई.डी.एस.पी., राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली, भारत सरकार ने बताया कि कोविड-19 तथा आपदा जनहित रोगों के प्रभावी प्रबंधन हेतु पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर शीघ्र ही उत्तराखंड में स्थापित होने जा रहा है जिसके लिए भारत सरकार के एन.सी.डी.सी तथा सी.डी.सी. द्वारा तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
