बदायूं: अपने खर्चे पर लगाए पौधे, हरा-भरा बना दिया विद्यालय

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बदायूं/उझानी, अमृत विचार। कहा जाता है कि विद्यालय आकर्षित होगा तो बच्चों को आकर्षित किया जा सकता है। हरा-भरा माहौल आंखों को ताजगी महसूस कराता है। ऐसा ही है विकास क्षेत्र उझानी का प्राथमिक विद्यालय लऊआ। जहां की फुलवारी और औषधीय पौधों से हरियाली नजर आती है। प्रधानाध्यापक ने अपनी धनराशि खर्च करके विद्यालय परिसर …

बदायूं/उझानी, अमृत विचार। कहा जाता है कि विद्यालय आकर्षित होगा तो बच्चों को आकर्षित किया जा सकता है। हरा-भरा माहौल आंखों को ताजगी महसूस कराता है। ऐसा ही है विकास क्षेत्र उझानी का प्राथमिक विद्यालय लऊआ। जहां की फुलवारी और औषधीय पौधों से हरियाली नजर आती है। प्रधानाध्यापक ने अपनी धनराशि खर्च करके विद्यालय परिसर को हरा-भरा बना दिया है। विद्यालय का अवकाश होने पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष के अलावा विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे पौधों को पानी लगाते हैं।

पौधे को बांधते प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार

विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ में ब्लॉक मंत्री भी हैं। जिन्होंने अपने खर्चे से विद्यालय परिसर में पाम, ताड़, बालम खीरा, क्रिसमिस पेड़, फुलवाड़ी वाली घास के अलावा तरह-तरह के गुलाब व गुलहड़ के पौधे रोपे हैं। इनके अलावा औषधीय पौधे तुलसी, एलोविरा और अर्जुन के पौधे भी रोपे गए हैं। स्टाफ खुद ही पौधों पर पानी लगाता है।

वकाश के दिन पौधों को पानी लगाते विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमेश सिंह

अवकाश के दिनों में एसएमसी अध्यक्ष उमेश सिंह पौधों को पानी लगाते हैं। नराई भी करते हैं। विद्यालय के सुकून भरे वातावरण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अवकाश होने के बाद भी विद्यालय में आकर पौधे देखते हैं। जरूरत होने पर पानी लगाते हैं। पौधों को सूखने नहीं दिया जाता है। अगर कोई पौधा सूख भी जाए तो उसके बराबर में दूसरा पौधा लगाया जाता है।


सामुदायिक सहभागिता की मिसाल है विद्यालय
यह विद्यालय सामुदायिक सहभागिता की मिसाल है। ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। कंप्यूटर, पंखे, झूले, साउंड सिस्टम और इंवर्टर तक का इंतजाम किया गया है। विद्यालय के बेहतर वातावरण को देखते हुए प्रधान संगठन की ओर से विद्यालय को एलईडी भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा चार कैमरों से विद्यालय की निगरानी की जा रही है। सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. विश्राम सिंह ने पौधों पर पानी लगाने को मोटर की व्यवस्था कराई है।

मां की स्मृति में बनवाया विद्यालय का गेट
फोटो 04 बीडीएन 69 – ग्राम प्रधान ने अपनी मां की स्मृति में बनवाया विद्यालय का गेट।
विद्यालय के लिए ग्रामीणों के अलावा ग्राम प्रधान पंकज सक्सेना का भी पूरा सहयोग रहता है। हर दूसरे या तीसरे दिन वह विद्यालय में पहुंचकर स्टाफ से बात करते हैं। विद्यालय की जरूरतों के बारे में जानकारी की जाती है। उसे पूरा करने में सहयोग करते हैं। उन्होंने अपनी मां की स्मृति में इस परिषदीय विद्यालय का गेट बनवाया है। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने उद्घाटन किया था। विद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना की थी।

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