गौतम बुद्ध नगर: फर्जी डिग्रियां बना कर बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार
गौतम बुद्ध नगर/अमृत विचार। यूपी के नोएडा में गिरफ्तार हुआ फर्जी डिग्रियां बेचने वाला आरोपी। यह आरोपी 3-4 हजार रुपए में फर्जी डिग्रियां बेचा करते था। फर्जी डिग्रियां बेचने का काम लगभग 20-22 सालों से ये कर रहा था। इनके पास से 120 मार्कशीट और सर्टिफिकेट रिकवर किए हैं। नोएडा की थाना फेज 1 पुलिस …
गौतम बुद्ध नगर/अमृत विचार। यूपी के नोएडा में गिरफ्तार हुआ फर्जी डिग्रियां बेचने वाला आरोपी। यह आरोपी 3-4 हजार रुपए में फर्जी डिग्रियां बेचा करते था। फर्जी डिग्रियां बेचने का काम लगभग 20-22 सालों से ये कर रहा था। इनके पास से 120 मार्कशीट और सर्टिफिकेट रिकवर किए हैं।
नोएडा की थाना फेज 1 पुलिस द्वारा फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले 2 शातिरों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बास से अलग-अलग स्कूल और कॉलेज की फर्जी मार्कशीट, सनद, डिग्रियां, 120 फर्जी मार्कशीट, मार्कशीट बनाने के उपकरण, एक प्रिंटर, एक सीपीयू, एक एलईडी मॉनिटर, एक कीबोर्ड, एक माउस और मार्कशीट बनाने के सफेद कागज बरामद किये गए हैं।
आपको बतादें कि यह आरोपियों का नाम अब्दुल समद और आदिल है। बतादें कि आदिल का पिता अब्दुल का दोस्त था। पिता की मौत हो जाने के बाद से आदिल इस धंधे में आया और अब्दुल के साथ काम करने लगा। दोनों आरोपियों को नोएडा थाना फेस 1 पुलिस द्वारा अब्दुल सदम को छोटी बजरिया चक्की वाली गली घंटाघर गाजियाबाद और आदिल निवासी कस्बा दादरी गौतमबुद्धनगर को नयाबांस सेक्टर 15 मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों से पुछताछ के दौरान पता चला कि, यह शातिर किस्म के अपराधी हैं जो फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करने का कारोबार लगभग 20 सालों से कर रहे हैं। यह दोनों ने 12वीं तक पढे हैं। दोनों मिलकर 3-4 हजार रुपये में डिग्रियां बनाते थे। पेपर और डिग्री के अनुसार बनाने का रेट तय करते थे। डिग्रियां बनाने के लिये कोरल ड्रा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके ये फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करते हैं। ये अबतक लगभग 10,000 लोगों को डिग्रियां बनाकर दे चुके हैं। प्रति महीने 10-15 लोगों को डिग्रियां बनाकर देते थे।
बैंक अकान्ट हुआ सीज
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, अधिकतर लोग प्राइवेट जॉब के लिये डिग्रियां बनवाते हैं। इनके और भी डॉक्यूमैन्ट्स चेक किये जा रहे है। बैंक अकान्ट सीज किये जा रहे हैं। अब्दुल समद ने बताया कि, आदिल का पिता उसका एक अच्छा दोस्त था जिसके साथ बीते 20 सालों से काम रहा था।
फर्जी मार्कशीट के मामले को लेकर एडिश्नल डीसीपी नोएडा रणविजय सिंह ने बताया कि, थाना फेस-1 ने एक फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस एरिया के एसीपी, एसएचओ और वहां के लोकल चौकी इंचार्ज को ये सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी मार्कशीट बनाकर बेचने जा रहे हैं।
इस सूचना पर हम लोगों ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अब्दुल समद गाजियाबाद का रहने वाला है और आदिल दादरी गौतमबुद्धनगर का रहने वाला है. ये दोनों मिलकर फर्जी मार्कशीट बनाते थे। एडीसीपी ने बताया कि, ये लोग गूगल ईमेज से सर्टिफिकेट डाउनलोड करते थे। उसके बाद कुछ सॉफ्टवेयर से एडिटिंग करने के बाद संबंधित आदमी को बेचा करते थे।
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