लखीमपुर-खीरी: हल्का दरोगा चाहता तो टल सकता था खूनी संघर्ष

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खमरिया-खीरी, अमृत विचार। रास्ते का विवाद व घर से निकलने वाले पानी को लेकर ईसानगर के गांव लाखुन में दो दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष के तीसरे दिन रविवार को भीबपूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा।गांव के लोगों का कहना है कि थाने के हल्का नंबर दो में तैनात दारोगा ने इस मामले को गंभीरता …

खमरिया-खीरी, अमृत विचार। रास्ते का विवाद व घर से निकलने वाले पानी को लेकर ईसानगर के गांव लाखुन में दो दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष के तीसरे दिन रविवार को भीबपूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा।गांव के लोगों का कहना है कि थाने के हल्का नंबर दो में तैनात दारोगा ने इस मामले को गंभीरता से लिया होता तो दो समुदायों में हुआ खूनी संघर्ष टल सकता था।

हालांकि दो समुदायों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद गांव में शांति ब्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।जबकि हमले में गंभीर घायल हुए दो लोगों का उपचार लखनऊ के ट्रामा सेंटर में जारी है।जहाँ उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के हल्का नंबर दो के गांव लाखुन में शुक्रवार की देर रात दो समुदाय के बीच जमकर धारदार हथियार चल गए।जिसमें दोनों पक्षों के सात लोग घायल हो गए।मामला घर के पानी निकासी व रास्ते के विवाद को लेकर था।

मालूम हो कि लाखुन गांव निवासी उस्मान खां व मेवालाल के बीच रास्ते व घर के पानी को निकालने को लेकर शुक्रवार को शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई।मारपीट के दौरान ईंट गुम्मों समेत धारदार औजारों से हुए हमले में मेवालाल पुत्र बुद्धा राजेश पुत्र सोनेलाल,रामू पुत्र मेवालाल समेत दूसरे पक्ष से उस्मान खान पुत्र रहमान खा, जिब्राइल पुत्र उस्मान खा,इमरान पुत्र उस्मान,सबीना पुत्री उस्मान को सीएचसी खमरिया में इलाज के लिए लाया गया जहां मेवालाल, राजेश, रामू समेत उस्मान व जिब्राइल की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।

जहां हालात गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेवा लाल व रामू को लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया था।जहां पुलिस की पहरेदारी में दोनों का इलाज जारी है।इधर लाखुन गांव के ग्रामीणों की माने तो मेवालाल व उस्मान के बीच पानी निकासी व रास्ते को लेकर करीब एक सप्ताह से वाद विवाद होता चला आ रहा था।जिसको लेकर दोनों पक्षो ने कई बार थाना ईसानगर के हल्का नंबर दो में तैनात दरोगा महेंद्र यादव को लिखित तहरीर देकर फैसला कराने की मांग की थी। लेकिन आईजीआरएस में भी स्वार्थषिद्धि करके रिपोर्ट लगाने वाली पुलिस ने दोनों पक्षों की एक भी नही सुनी।

यहां तक कि शुक्रवार की दोपहर भी जब दोनों पक्षों में कहा सुनी हुई तो भी हल्का इंचार्ज ने मौके पर जाकर पड़ताल भी उचित नही समझी।नतीजन देर रात पुलिस की उदासीनता खूनी संघर्ष में बदल गई।ग्रामीणों में चर्चा है कि पुलिस पहले दिन ही विवाद को गंभीरता से ले लेती तो इतनी बड़ी घटना शायद नही घटती।फिलहाल घटना के बाद गांव में पुलिस की सख्त पहरेदारी के बीच सन्नाटा पसरा है।

हत्या के प्रयास में चार आरोपी गिरफ्तार
कोतवाल अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि खूनी संघर्ष में गंभीर घायल मेवालाल के परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी पक्ष के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें उसमान पुत्र रहमान,चुन्ना उर्फ जुबराइल पुत्र उसमान खां,मुन्ना उर्फ इमरान पुत्र उसमान व पप्पू पुत्र मोबीन निवासी लाखुन को हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी

उन्होंने बताया गांव में शांति ब्यवस्था कायम है।कानून ब्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के चार सिपाहियों का फोर्स तैनात किया गया है।

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