हल्द्वानी: बढ़ती बेरोजगारी फिर क्यों 56,944 सरकारी पद खाली ? सरकार के खिलाफ युवाओं का हल्लाबोल
हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवर्तनकामी छात्र संगठन के नेतृत्व में आज बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में युवाओं ने बुद्ध पार्क में सभा, धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद चिलचिलाती धूप में तिकोनिया से रोडवेज, कालाढूंगी चौराहे से होते हुए आंबेडकर पार्क मंगलपड़ाव तक बेरोजगारी के विरोध में आक्रोश रैली निकाली। बुद्ध पार्क में परिवर्तनकामी छात्र संगठन के बैनर तले …
हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवर्तनकामी छात्र संगठन के नेतृत्व में आज बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में युवाओं ने बुद्ध पार्क में सभा, धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद चिलचिलाती धूप में तिकोनिया से रोडवेज, कालाढूंगी चौराहे से होते हुए आंबेडकर पार्क मंगलपड़ाव तक बेरोजगारी के विरोध में आक्रोश रैली निकाली।

बुद्ध पार्क में परिवर्तनकामी छात्र संगठन के बैनर तले एकजुट हुए युवाओं ने बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्तियां न होने से प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। युवाओं ने कहा कि डिग्री, डिप्लोमा होने के बावजदू आज प्रदेश का युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। सरकार आत्मनिर्भर भारत के जुमले के साथ देश को भ्रमित करने का काम रही है। स्वरोजगार के नाम पर सरकारी लोन लेने में इतने सरकारी दांवपेंच और भ्रष्टाचार व्याप्त है जिससे बेरोजगार युवा खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

परिवर्तनकामी छात्र संगठन के महासचिव महेश ने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षत युवा होने के बावजूद सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। देशभर में 60 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं। उत्तराखंड में एक अप्रैल 2020 तक 56,944 पद खाली पड़े थे। कोरोना काल में खाली पड़े इन पदों में और इजाफा ही हुआ है। केंद्र सहित विभिन्न राज्य सरकारें इन रिक्त पदों को भरने की जगह समाप्त करने पर तुली हुईं हैं। इसका खामियाजा नौजवानों को भुगतना पड़ रहा है।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के मोहन मटियाली ने कहा कि रोजगार नीति के सवाल पर प्रधानमंत्री पकौड़ा तलो की बात करते हैं ऐसे में बेरोजगारी को लेकर सरकार की मंशा जाहिर होती है। चुनाव में सरकार करोड़ो रुपये बहा देती है लेकिन युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के नाम पर गुमराह करने से बाज नहीं आती। यही वजह है कि प्रदेश का युवा सड़कों पर आने को मजबूर है। इस मौके पर रजनी जोशी, महेश चन्द्र, चंदन, देवेंद्र, धीरज, आदेश, पिंकी, रुपाली, मनोज जोशी, सविता कुमारी, अनुराग, शाहजेब, अनिशेख, कैलाश पांडेय, दिनेश, प्रकाश पांडेय, बालम सिंह, उमेश पाण्डेय, विपिन, टीका राम पांडेय, रियासत आदि रहे।
बताते चलें कि सेंटर फॉर मानीटरिंग इंडियन इकोनामी की ओर से एक मई 2022 को जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में उत्तराखंड की बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत है। साल 2001 में प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या तीन लाख 13 हजार थी, जो अब बढ़कर आठ लाख 39 हजार 697 हो गई है।
