शाहजहांपुर: दीपोत्सव के लिए महिला समूहों से नहीं खरीदे गए मिट्टी के दीए
शाहजहांपुर, अमृत विचार। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर शनिवार को करीब 80 हजार से अधिक मिट्टी के दीए जलाए गए। यह दीए अगर समूह की महिलाओं से खरीदे जाते तो उनकी आय बढ़ती, लेकिन जिम्मेदारों ने ऐसा नहीं किया। जबकि सरकार समूहों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम करती है, …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर शनिवार को करीब 80 हजार से अधिक मिट्टी के दीए जलाए गए। यह दीए अगर समूह की महिलाओं से खरीदे जाते तो उनकी आय बढ़ती, लेकिन जिम्मेदारों ने ऐसा नहीं किया। जबकि सरकार समूहों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम करती है, उन्हें विभिन्न कारोबार से जोड़ने का काम किया। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादनों की बिक्री लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं, लेकिन शनिवार को दीपोत्सव कार्यक्रम में समूह की महिलाओं की अनदेखी की गई वह भी मुख्य सचिव के कार्यक्रम में ही है। हालांकि यह जानकारी मुख्य सचिव को नहीं हुई, नहीं तो जिम्मेदारों से सवाल जवाब जरूर करते।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब छह हजार समूहों में करीब 65 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। यह महिलाएं किसी न किसी कारोबार से जुड़ी है। कोई मिट्टी के बर्तन बनाती हैं तो कोई सिंलाई कढ़ाई, जरदोजी, गोबर के उत्पादन तैयार करती है। तो कुछ महिलाएं केयर टेकर तो कुछ बीसी सखी के रूप में काम कर रही हैं। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर प्रोस्ताहन भी दिया जाता है, पर पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर दीपोत्सव कार्यक्रम में समूह की महिलाओं की अनदेखी की गई।
जबकि जयंती पर शहीद बिस्मिल के घर से लेकर शहीद संग्राहलय तक दीप जलाएं गए और पूरा परिसर जगमग हुआ। लेकिन अफसोस समूह की महिलाओं के घर रोशनी नहीं दिखाई दी। अगर यह दीप समूह की महिलाओं को आर्डर देकर खरीदे गए होते तो शायद उनके घर उजाले की किरण पहुंचती, पर ऐसा नहीं हो सका।
पंजीकृत कुम्हारों से भी नहीं खरीदे दीए
जनपद में करीब 450 से अधिक कुम्हार हैं, जो मिट्टी के कारोबार से जुड़े हैं। समूहों की अनदेखी के साथ ही जनपद के पंजीकरण कुम्हारों की भी अनदेखी की गई। खादी ग्रामोद्योग विभाग में जो पंजीकरण कुम्हार हैं, उनसे भी मिट्टी के दीए नहीं खरीदे गए।
दीपोत्सव कार्यक्रम में शनिवार को जो मिट्टी के दीप जलाए गए हैं, वह कहां से खरीदे गए हैं, उसकी जानकारी नहीं है। न ही विभाग से दीयो की डिमांड की गई।- गजेंद्र सिंह, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी।
दीपोत्सव कार्यक्रम में जो दीप जलाए गए हैं, वह कहां से खरीदे गए हैं, उसकी जानकारी नहीं है। विभाग द्वारा संचालित महिला समूहों से भी दीए नहीं खरीदे गए। समूह में कम महिलाएं मिट्टी के कारोबार से जुड़ी हैं।- मोहम्मद हसीब, प्रभारी अधिकारी, एनआरएलएम।
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