अयोध्या: कचहरी को बम से उड़ाने की मिली धमकी, डाक से भेजा गया पत्र, मठ-मंदिरों की बढ़ाई गई सुरक्षा
अयोध्या। अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिलने के बाद हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों को जैसे ही सूचना मिली तो उनके हाथ-पाव फूल गए। राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए खुफिया विभाग, एटीएस व स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही मठ-मंदिरों की भी सुरक्षा …
अयोध्या। अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिलने के बाद हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों को जैसे ही सूचना मिली तो उनके हाथ-पाव फूल गए। राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए खुफिया विभाग, एटीएस व स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही मठ-मंदिरों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
नाकों पर चेकिंग बढ़ाते हुए हर एंट्री प्वाइंट पर संदिग्धों की तालाशी ली गई। हालांकि रविवार को कचहरी परिसर बंद था, उसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती। पत्र भेजने वाले को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन उसे कुछ पता ही नहीं था। उसे निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया गया।
पत्र जिला जज के न्यायालय को स्पीड पोस्ट से मिला था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि धमकी भरा पत्र पूराकलंदर के दौलतपुर निवासी एक राशिद के नाम का गलत दुरुपयोग कर भेजा गया। पुलिस ने उस व्यक्ति से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी युवक निर्दोष निकला। फिलहाल चौकी इंचार्ज सिविल कोर्ट विनय कुमार ने अयोध्या कोतवाली नगर में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
अब स्थानीय पुलिस और एटीएस धमकी भरे पत्र की जांच में जुट गई है। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि सहित प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अयोध्या कचहरी को धमकी भरा पत्र भेजने वाले की तलाश जोरों पर चल रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि रविवार होने की वजह से कचहरी बंद थी। अगर खुली तो अफरातफरी मच सकती थी। अयोध्या कचहरी में प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है।
2 दिसम्बर 2021 में अयोध्या को उड़ाने की मिली थी धमकी
उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 112 सेवा पर अयोध्या को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। खबर मिलते ही पुलिस महकमा सतर्क हो गया था। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने प्रवेश द्वार, होटलों और धर्मशालाओं के अलावा रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर भी चेकिंग की थी।
2007 का मंजर नहीं भूला है फैजाबाद
2007 में 23 नवंबर को फैजाबाद कचहरी में सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिया गया था। वह मंजर आज भी स्थानीय लोग नहीं भूले हैं। इसमें घायल हुए अधिवक्ता, मुंशी आज भी वह दिन याद कर कांप उठते हैं। कुछ का कहना है कि विस्फोट होते ही आकाश में धुएं का भयंकर गुबार उठा, पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया, जब धुआं छंटा तो चारो ओर तबाही का मंजर था।
धमकी भरे पत्र पर जिसका नाम लिखा था उससे पूछताछ में वह निर्दोष साबित हुआ है। फिलहाल अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था हमेशा चुस्त-दुरुस्त रहती है…विजय पाल सिंह, एसपी सिटी।
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