अल्मोड़ा: नियम के मुताबिक नहीं हो रहे पालिका में रजिस्ट्रेशन
अल्मोड़ा, अमृत विचार। नगर में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखने और पालिका की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पालिका ने बाहरी लोगों के पंजीकरण का नियम तो बनाया। लेकिन नियम का अनुपालन पालिका क्षेत्र में सही ढंग से नहीं हो पा रहा है और आज भी कई बिहारी और नेपाली मूल …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। नगर में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखने और पालिका की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पालिका ने बाहरी लोगों के पंजीकरण का नियम तो बनाया। लेकिन नियम का अनुपालन पालिका क्षेत्र में सही ढंग से नहीं हो पा रहा है और आज भी कई बिहारी और नेपाली मूल समेत देश के अन्य राज्यों ने लोग यहां बेधडक़ काम कर रहे हैं।
अल्मोड़ा जिले में प्रतिवर्ष बाहरी देशों और राज्यों से विभिन्न प्रकार के व्यवसाय करने के लिए सैंकड़ों की संख्या में यहां लोग आते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इन लोगों की पूरी जानकारी प्रशासन और पुलिस के पास हो। इसके लिए पालिका ने कुछ महीनों पहले ऐसे लोगों के अनिवार्य पंजीकरण का एक नियम बनाया।
पालिका की आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए पंजीकरण शुल्क भी तय किया गया। नियम के मुताबिक बाहरी क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों को पंजीकरण के लिए पांच सौ और मिस्त्री वर्ग के लोगों को एक हजार रुपये का शुल्क भी भरना था। शुल्क भरने के बाद पालिका ऐसे लोगों का पंजीकरण करती और उनकी पूरी जानकारी प्रशासन अथवा पुलिस को उपलब्ध कराती।
लेकिन नियम बनने के बाद भी आज साठ प्रतिशत से अधिक ऐसे लोगों ने जो पालिका क्षेत्र में श्रमिक और मिस्त्री का काम कर रहे हैं। अपना पंजीकरण नहीं कराया है। जिस कारण अब पालिका का यह नियम महज हवाई साबित हो रही है। हालांकि अगर पालिका का नियम पूरी तरह लागू हो पाता तो अपराधों पर अंकुश तो लगता ही, पालिका की आय में वृद्धि भी होती। लेकिन पालिका नगर में अपने ही नियम को सही ढंग से लागू करा पाने में नाकाम साबित हो रही है।
पालिका अपने नियम के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। अधिशासी अधिकारी को बाहरी लोगों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। फिर भी कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण पाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– प्रकाश चंद्र जोशी, पालिकाध्यक्ष, अल्मोड़ा
