बरेली: कुतुबखाना पुल निरस्त करा दीजिए, बना तो सैकड़ों परिवार बर्बाद हो जाएंगे
अमृत विचार, बरेली। कुतुबखाना पुल बनना अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन इसका विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में व्यापारी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार के आवास पर धरना देने पहुंच गए। इस दौरान मेयर को भी बुलाया गया। व्यापारियों ने कहा कि मेयर साहब कोहाड़ापीर पुल …
अमृत विचार, बरेली। कुतुबखाना पुल बनना अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन इसका विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में व्यापारी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार के आवास पर धरना देने पहुंच गए। इस दौरान मेयर को भी बुलाया गया। व्यापारियों ने कहा कि मेयर साहब कोहाड़ापीर पुल को निरस्त करवा दीजिए। पुल बना तो कई व्यापारियों का कारोबार ठप हो जाएगा। परिवार और कारोबारियों से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों का परिवार बर्बाद हो जाएगा।
व्यापारियों की बात सुनकर मेयर डा. उमेश गौतम ने यह तो नहीं कहा कि पुल निरस्त होगा, लेकिन संतोष गंगवार ने सुझाव दिया कि सोमवार को दोनों विधायक शहर में होंगे। उनके क्षेत्र का मामला है। सोमवार को एक बार फिर सभी से विचार विमर्श कर लिया जाए। इस पर सहमति बनी है कि सोमवार को दोपहर वन और पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार के आवास पर जनप्रतिनिधियों की बैठक होगी।
रविवार की शाम 4 बजे अचानक कोहाड़ापीर व चौपुला रोड के व्यापारी संतोष गंगवार से मिलने उनके भारत सेवा ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सांसद को पुल निरस्त कराने संबंधी ज्ञापन दिया। सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया कि मेयर तक उनकी बात को पहुंचाया जाएगा, लेकिन व्यापारी चाह रहे थे कि सांसद पुल निरस्त होने की घोषणा करें। ऐसा नहीं होने पर व्यापारी वहीं धरने पर बैठ गए। सांसद कार्यालय से जा चुके थे। कुछ देर बाद वह लौटे तो व्यापारियों को धरना देते देखकर नाराजगी जताते हुए कहा कि धरना देने से पहले व्यापारियों को सूचना देनी चाहिए थी। इस तरह धरना देना ठीक नही हैं।
व्यापारी नहीं उठे तो उन्होंने मेयर डा. उमेश गौतम से बात कर उन्हें बताया कि पुल के विरोध में व्यापारी उनके कार्यालय पर धरना दिए हैं। आप भी आ जाएं। मेयर भी कुछ देर में सांसद के कार्यालय पहुंच गए। यहां व्यापारियों ने मेयर डा. उमेश गौतम से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि मेयर साहब पुल निरस्त करवा दीजिए। पुल बना तो सैकड़ों परिवार बर्बाद हो जाएंगे। कारोबार चौपट हो जाएगा। एक व्यापारी ने तो यह भी कहा कि कोरोना के बाद अब कुछ उबर रहे थे तो पुल निर्माण की बात आ गई।
पुल बना तो कारोबार बंद हो जाएगा और बच्चों की फीस तक नहीं दे पाएंगे। सड़क पर आ जाएंगे। मेयर ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि किसी का नुकसान हो। आप जो चाहेंगे वैसा ही होगा लेकिन मेरा आग्रह है कि आप लोग पुल का डिजाइन तो देख लें। पुल ऐसा बन रहा है जिसमें किसी का कारोबार बंद नहीं होगा। यह हल्के वाहनों के लिए बनाया जा रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि किसी और तरह का सौंदर्यीकरण करवा लीजिए पुल निरस्त करवा दीजिए। अंत में सांसद संतोष गंगवार के सुझाव पर सोमवार को कैंट और शहर विधायक के साथ साथ सांसद और मेयर वार्ता करेंगे। उसमें व्यापारियों की भी बात को सामने रखा जाएगा। इस पर सहमति बनने के बाद सभी व्यापारी धरने से उठ गए।
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