लखीमपुर-खीरी: पकड़ में न आएं दवाएं, इसलिए कर दी आग के हवाले
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बीते दिनों मिली करोडों रूपयों की सरकारी दवाओं की जांच पर काईवाई नहीं हो पाई है। सोमवार को फिर से जिला अस्पताल के परिसर में सरकारी दवाएं जोकि एक्सपायर थीं, वह जली पड़ी हुई मिलीं। इस बार कर्मचारियों ने खुद को फंसने से बचाने के लिए दवाओं को आग के हवाले कर …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बीते दिनों मिली करोडों रूपयों की सरकारी दवाओं की जांच पर काईवाई नहीं हो पाई है। सोमवार को फिर से जिला अस्पताल के परिसर में सरकारी दवाएं जोकि एक्सपायर थीं, वह जली पड़ी हुई मिलीं। इस बार कर्मचारियों ने खुद को फंसने से बचाने के लिए दवाओं को आग के हवाले कर दिया लेकिन पूरी तरह से आग में न जलने वाली दवाओं ने कर्मचारियों की कलई खोल दी। फिलहाल इस बार आयरन, कैल्शियम की दवाओं की खेप पडी हुई दिखाई दी।
गरीबों को फ्री में बंटने के लिए आयी दवाओं को उन्हें न देकर एक कोने में डाल देना और एक्सपायर होने के बाद उन्हें गढडे में दफना देने या फिर आग के हवाले कर दिया जाने जाने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। भाजपा कार्यालय के पीछे मिली करोडों की दवाओं की जांच की कार्रवाई भी नहीं हो पाई है कि सोमवार को कर्मचारियों की लापरवाही का एक और कारनामा प्रकाश में आया।
इस बार अधिकारियों की नजर से बचने और खुद को बचाने के लिए कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के अंदर एक कोने में दवाओं को जलाकर नष्ट करने की कोशिश की गई। कर्मचारियों ने दवाओं को आग लगा दी और चलते बने लेकिन इस दौरान दवाएं पूरी तरह से नहीं जल सकी। सोमवार को जब कुछ लोग लघुशंका के लिए गये तो वहां पर दवाओं को देखा जो अधजली थी।
इस बार आयरन की दवाओं के साथ साथ आयरन और फ्लोरिक एसिड की गोलियां बरामद हुई जिस पर अभी 2021 में एक्सपायरी होने की डेट दर्ज है। फिलहाल अब अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने का तैयार नहीं दिख रहे। सवाल यह उठता है कि आखिरकार पिछली घटना के बाद से कर्मचारी और स्वास्थ्य महकमा क्यों नहीं सबक ले रहा है।
कार्रवाई के इंतजार में थमी हैं सभी की सांसें
बीते दिनों बरामद हुई करोडों की लावारिस दवाओं के मामलें में गठित टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी थी लेकिन रिपोर्ट भेजे हुए करीब चार दिनों से ज्यादा का समय हो चुका है, कार्रवाई का कोई भी अल्टीमेटम नहीं आया है। आखिरकार किन दोषियों पर इसकी गाज गिरेगी यही सोचकर सभी कर्मचारियों की सांसे थमी है। दवा स्टोर के तमाम कर्मचारी हर रोज अधिकारियों की पैयलग्गी करते हुए किसी भी तरह से खुद को बचाने की पुरजोर कोशिश में दिखायी दे रहे है।
एक बार फिर से दवा बरामद और उन्हें जलाने की मुझे कोई भी जानकारी नहीं मिली है। विभाग के लोगों को भेजकर पूरा मामला दिखवाया जा रहा है। यदि ऐसा किया गया तो निश्चित तौर यह लापरवाही और अनुशासनहीनता है। कार्रवाई की जाएगी— मदन लाल, सीएमओ।
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