मुरादाबाद : खुशी के पल! कर्मभूमि में उतरे यूपी पुलिस के 150 कर्मयोगी

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मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पुलिस की गुरुकुल कही जाने वाली डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी से मंगलवार को वह कर्मयोगी विदा हो गए, जिनको गुरुकुल ने डीएसपी व घुड़सवार सिपाही बनाया। पासिंग आउट परेड के गवाह डीजी प्रशिक्षण डॉ. राजेंद्र पाल सिंह, पुलिस अकादमी के निदेशक जेएन सिंह, पीटीसी के एडीजी रवि जोसेफ, पीएसी के …

मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पुलिस की गुरुकुल कही जाने वाली डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी से मंगलवार को वह कर्मयोगी विदा हो गए, जिनको गुरुकुल ने डीएसपी व घुड़सवार सिपाही बनाया। पासिंग आउट परेड के गवाह डीजी प्रशिक्षण डॉ. राजेंद्र पाल सिंह, पुलिस अकादमी के निदेशक जेएन सिंह, पीटीसी के एडीजी रवि जोसेफ, पीएसी के आईजी अमित चंद्रा व मुरादाबाद के डीआईजी शलभ माथुर समेत कई दिग्गज पुलिस अधिकारी बने। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुलिस अकादमी ने अपने होनहार शिष्यों को कर्मपथ पर विदा किया।
पुलिस अकादमी का पासिंग आउट परेड ग्राउंड रंगोली से लकदक रहा।

समारोह को संबोधित करते पुलिस अकादमी की डीआईजी पूनम श्रीवास्तव ने बताया कि 2018 की सीधी भर्ती में चयनित 65 डीएसपी का प्रशिक्षण मई 2021 में शुरू हुआ। प्रशिक्षु डीएसपी में 13 महिलाएं शामिल रहीं। प्रशिक्षण में सभी डीएसपी ने इंडोर व आउटडोर प्रशिक्षण में भाग लिया। उधर, नवंबर 2021 में प्रशिक्षण लेने पुलिस अकादमी पहुंचे माउंटेड पुलिस के 85 प्रशिक्षु सिपाहियों का ट्रेनिंग सत्र 22 मई को ही पूरा हो गया था। डीएसपी व घुड़सवार सिपाहियों का दीक्षांत समारोह मंगलवार को एक साथ हुआ। दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र पाल सिंह ने पुलिस अकादमी के निदेशक जेएन सिंह के साथ पहले परेड का निरीक्षण किया। फिर कैडेटों ने परेड पेश की। दर्शकदीर्घा ने करतल ध्वनि से कैडेटों का उत्साह बढ़ाया। प्रथम कमांडर डीएसपी रविशंकर मिश्र, दूसरे कमांडर अभितेष सिंह व तृतीय कमांडर मंजरी राव रहीं।

पुरस्कार वितरण व शपथ ग्रहण व अतिथि संबोधन बाद बैंड की धुन पर डीएसपी व घुड़सवार पुलिस के जवान एक साथ परेड ग्राउंड से बाहर निकले। डीएसपी ने हवा में कैप उछाल व एक-दूसरे को गले लगाया। खुशियों का इजहार किया। नम आंखों से एक-दूसरे को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। ऐतिहासिक क्षण के गवाह पुलिस अकादमी की डीआईजी पूनम श्रीवास्तव, मुरादाबाद के जिला जज, मुरादाबाद के एसएसपी हेमंत कुटियाल आदि बने।

मुस्कान कहें या दिल की कसक
मूलरूप से बिजनौर की रहने वाली डीएसपी वर्णिका सिंह की मुस्कान मंगलवार को कसक बनकर उनके चेहरे पर चस्पा हो गई। दीक्षांत परेड से वंचित महिला डीएसपी ने कुरेदने पर बताया कि कुछ दिनों पहले प्रशिक्षण के दौरान वह चोटिल हो गईं। जिस घड़ी की प्रतिक्षा बीते एक वर्ष से वह उमंग व उत्साह के साथ कर रही थीं, पांव में मोच ने उसका लुत्फ उठाने से वंचित कर दिया। वर्णिका सिंह को पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली हैं। दीक्षांत परेड में शामिल साथी कैडिटों को उन्होंने दिल की गहराईयों से शुभकामनाएं दीं।

शपथ
सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं भारत व विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति श्रद्धा और सच्ची निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता व अखंडता को अक्षुण्य रखूंगा। तथा अपने पद के कर्तव्यों का राष्ट्रभक्ति, ईमानदारी व निष्ठा से पालन करूंगा। ईश्वर मेरी सहायत करें।

संवेदनशील पुलिसिंग ही उम्मीदों पर खरा उतरने का रास्ता
डीजी प्रशिक्षण यूपी डा. राजेंद्र सिंह पाल ने कहा कि परिश्रम व लगन से हासिल सफलता आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। साढ़े 12 महीने के कठोर परिश्रम के बाद यूपी पुलिस को 65 डीएसपी मिले हैं। पुलिस की चुनौतियां निरंतर बढ़ रही हैं। चुनौतियों से सफलता पूवर्क पार होने के लिए ही इंडोर व आउट डोर की ट्रेनिंग एक वर्ष तक दी गई। जीवन पर्यंत प्रशिक्षण अवधि कारगर साबित होगी। प्रशिक्षण की प्रासंगिकता तभी सिद्ध होगी जब जनमानस को न्यायप्रिय, पारदर्शी व जवाबदेह जनसेवा हो। संवेदनशील पुलिसिंग ही उम्मीदों पर खरा उतरने का एक मात्र रास्ता है। अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की चुनौती से मुकाबला तभी संभव है, जब दृढ इच्छाशक्ति, संकल्प, प्रतिज्ञायाबद्ध व साहसी पुलिसिंग हो। उम्मीदों पर खरा उतरेंगे, ऐसा विश्वास है। माउंटेड पुलिस महकमे की शान है। भीड़ नियंत्रण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अश्व से तालमेल तभी संभव है, जब प्रेम हो। दो महिला पुलिस उपाधीक्षक को मेडल देकर गर्व की अनुभूति हुई। पुलिस बल में महिलाओं की तादाद और बढ़े यह उम्मीद है। मार्डन टेक्नालोजी व प्रोफेशनल पुलिसिंग से ही समाज अपराध मुक्त होगा। चुनौतिायं कभी समाप्त नहीं होतीं। कर्तव्य की वेदी पर खुद को अर्पित करें। व्यवहार, समपर्ण, दक्षता व कर्तव्य परायणता पीड़ित का दुख कम करता है। इसे जीवन पर्यंत धारण करें।

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