Ranji Trophy Final : शुभम शर्मा और यश दुबे के शतक से मजबूत स्थिति में मध्य प्रदेश, मुंबई पर मंडराया हार का खतरा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बेंगलुरु। यश दुबे (133) और शुभम शर्मा (116) के शानदार शतकों तथा उनके बीच दूसरे विकेट के लिए 222 रन की जबरदस्त साझेदारी की मदद से मध्य प्रदेश ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट पर 368 रन बनाकर रणजी ट्रॉफी फ़ाइनल में 41 बार के चैंपियन मुम्बई पर अपना शिकंजा कस दिया है। फ़ाइनल …

बेंगलुरु। यश दुबे (133) और शुभम शर्मा (116) के शानदार शतकों तथा उनके बीच दूसरे विकेट के लिए 222 रन की जबरदस्त साझेदारी की मदद से मध्य प्रदेश ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट पर 368 रन बनाकर रणजी ट्रॉफी फ़ाइनल में 41 बार के चैंपियन मुम्बई पर अपना शिकंजा कस दिया है। फ़ाइनल में दो दिन का खेल शेष रहते मध्य प्रदेश पहली पारी में मुम्बई से मात्र छह रन पीछे है और उसने पहली बार रणजी खिताब जीतना भी सुनिश्चित कर लिया है। मुम्बई ने पहली पारी में 374 रन बनाये थे। यश दुबे ने 336 गेंदों पर 133 रन में 14 चौके लगाए जबकि शुभम ने 215 गेंदों पर 116 रन में 15 चौके और एक छक्का लगाया। स्टंप्स के समय रजत पाटीदार 67 और कप्तान आदित्य श्रीवास्तव 11 रन बनाकर क्रीज पर हैं।

वहीं शुभम शर्मा ने सीजन का अपना चौथा शतक जमाया और यश दुबे के साथ चाय तक टीम का स्कोर 98 ओवरों में 301/2 पर पहुंचाया।वहीं एमपी पहली पारी की बढ़त लेने से 73 रन दूर। हालांकि शर्मा 116 रन पर आउट हो गए, लेकिन दुबे 119 रन बनाकर नाबाद रहे और रजत पाटीदार ने 27 रन बनाकर उनका साथ दिया। अगर दुबे ने शुक्रवार को पहले सत्र में अपना शतक जमाया, तो उसके बाद तीन अंकों के स्कोर तक पहुंचने की बारी शर्मा की थी।

उन्होंने तुषार देशपांडे की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव के साथ अपना शतक पूरा किया, साथ ही उनके और दुबे के बीच बीच 200 रन की साझेदारी को भी बढ़ाया। उनका भाग्य भी उनके साथ था, जब बाहरी किनारा लग कर दो बार स्लिप से कैच छूटा था, जिससे तीसरे दिन मुंबई की परेशानी बढ़ गई। मुंबई ने शर्मा को लगभग आउट कर दिया था, जब बल्लेबाज बचाव के लिए खेला, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर कीपर के हाथ में चली गई। लेकिन अंपायर ने किनारे का कोई शोर नहीं सुना, अपील को खारिज कर दिया गया।

पाटीदार ने अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी के फॉर्म को जारी रखते हुए पांच चौके लगाए, जिससे मुंबई के गेंदबाजों पर हमला करने का उनका इरादा साफ हो गया। इससे पहले, 41 ओवर में 123/1 से शुरू हुई मध्य प्रदेश ने पहले सत्र में बिना कोई विकेट खोए 105 रन बनाए। दिन की शुरूआत यश दुबे ने धर्य से खेलते हुए की। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आने के साथ शुभम शर्मा ने इसका पूरा इस्तेमाल किया, क्योंकि उन्होंने तुषार देशपांडे को कुछ अच्छी बाउंड्रियां लगाई।

दुबे ने अवस्थी की गेंद पर फाइन लेग के जरिए लगातार दो चौके लगाकर अर्धशतक पूरा किया, जबकि शर्मा ने देशपांडे की गेंद पर शॉट लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। मुंबई के गेंदबाजों को पिच से मदद नहीं मिली।
इसके अलावा, बाएं हाथ के स्पिनर शम्स मुलानी के लिए ज्यादा टर्न उपलब्ध नहीं होने के कारण शर्मा और दुबे ने अपने पैरों का इस्तेमाल करके उन्हें छक्के लगाए। पहले सत्र के अंत में दुबे ने मिड-विकेट के माध्यम से मुलानी और तनुश कोटियन की गेंदों पर तेज से रन बनाए और इसके बाद रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक बनाने के लिए फाइन लेग के माध्यम से स्वीप किया, जिसे लंच से पहले डगआउट में उनके साथियों ने सराहा।

ये भी पढ़ें : Women’s FIH Hockey World Cup : कप्तान सविता पूनिया बोलीं- विश्व कप में पहला पदक जीतने के मिशन पर भारतीय हॉकी टीम

संबंधित समाचार