मुरादाबाद: कार्य के लिए स्थान आवंटित करने में देरी पर दो जेई का रोका वेतन
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मधुसूदन नागराज हुल्गी शुक्रवार को ठेकेदारों के साथ बैठक में पूरे रौब में दिखे। उन्होंने काम करने के लिए एलाइनमेंट व स्थान आवंटित करने में देरी पर दो जेई का वेतन रोक दिया। प्राधिकरण के आवासों के लिए एसटीपी निर्माण की पहली किस्त मिलने के बाद भी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मधुसूदन नागराज हुल्गी शुक्रवार को ठेकेदारों के साथ बैठक में पूरे रौब में दिखे। उन्होंने काम करने के लिए एलाइनमेंट व स्थान आवंटित करने में देरी पर दो जेई का वेतन रोक दिया। प्राधिकरण के आवासों के लिए एसटीपी निर्माण की पहली किस्त मिलने के बाद भी काम शुरू न करने पर उत्तर प्रदेश जल निगम को आवंटित कार्य निरस्त करते हुए 86 लाख रुपये ब्याज समेत वापसी का निर्देश दिया।
उपाध्यक्ष ने अभियंताओं की उपस्थिति में ठेकेदारों के साथ अपने कार्यालय में बैठक की। इसमें सामने आया कि विजन एक्सपोर्ट के पास प्रस्तावित सड़क निर्माण के एलाइनमेंट में जेई अवनीश मित्तल ने देरी की है। संभल रोड लिंक मार्ग के प्रस्तावित 18 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए स्थान देने में जेई गिरीश पांडेय ने देर की है। इस पर उन्होंने मुख्य अभियंता को दोनों जेई का वेतन रोकने का आदेश दिया। कहा कि प्राधिकरण के काम में देरी पर यदि कर्मी या अभियंता दोषी हैं तो वह भी दंडित होंगे। ठेकेदारों को भी तय समय में गुणवत्तापूर्ण काम न होने पर कार्रवाई के लिए चेतावनी भी दी।
विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर उपस्थिति देखी
इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे भवनों के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण का काम उत्तर प्रदेश जल निगम मुरादाबाद इकाई को सौंपा गया था। इसी मार्च में 86 लाख रुपये की पहली किस्त देकर छह माह में काम पूरा करने के लिए टेंडर दिया गया, लेकिन अब तक काम न करने पर नाराजगी जताते हुए उपाध्यक्ष ने पत्रावली मंगा काम निरस्त किया व निगम को दिए गए 86 लाख रुपये को ब्याज समेत वापसी कराने का आदेश मुख्य अभियंता को दिया। उन्होंने प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर उपस्थिति देखी।
जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए करें काम
उपाध्यक्ष ने अभियंताओं व कर्मियों से कहा कि प्राधिकरण को बेहतर कार्यशैली, ऑफिस के बेहतर रखरखाव के लिए मुख्यमंत्री के हाथों आईएसओ 9001 प्रमाण-पत्र मिला है, इसलिए इसके मूलमंत्र स्वच्छता, सुगमता व संवेदनशीलता को अंगीकृत कर जनता की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए काम करें।
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