रुद्रपुर: जिन्होंने लोकतंत्र को कुचला, वे अब भ्रष्टाचार पर कर रहे सत्याग्रह: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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रुद्रपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन्होंने 47 साल पहले लोकतंत्र को कुचला, वही लोग अब भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिये सत्याग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने बगैर किसी स्वार्थ के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ी। इन्हीं लोगों के संघर्ष की बदौलत आज भारत पूरी …

रुद्रपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन्होंने 47 साल पहले लोकतंत्र को कुचला, वही लोग अब भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिये सत्याग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने बगैर किसी स्वार्थ के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ी। इन्हीं लोगों के संघर्ष की बदौलत आज भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व करने वाला बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा जब आपातकाल लगा था, उस वक्त हम तो पैदा भी नहीं हुए थे, लेकिन उस वक्त की भयावहता सुनते हैं तो हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लोकतंत्र सेनानियों ने तो उस भयावहता के कष्टों को झेला है। क्रूर यातनायें दीं गईं। नाखून निकाल दिये गये, रोटी में शीशे को पीसकर खिलाया गया। इन सेनानियों की वजह से ही आज भारत में सशक्त लोकतंत्र काम कर रहा है। बेदाग, पारदर्शी व शक्तिशाली सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र व मां भारती की फोटो देकर किया सम्मानित किया।

इनका हुआ सम्मान

लोकतंत्र सेनानी सूरज प्रकाश गुलाटी, अशोक जायसवाल, योगराज पासी, डॉ. डीएन भाई मिश्र, नरेश रस्तोगी, कृष्णा लाल अरोरा, दयाराम, सुभाष छाबड़ा, कस्तूरी लाल तागरा, श्याम आनंद, ओमप्रकाश ठुकराल, सुरेश पुंशी, तिलक राज घई, राजकुमार हुड़िया, गजेंद्र सिंह संधू, यशपाल घई, वेद ठुकराल, राजेंद्र राणा, गोपाल कोछाड़, लोकतंत्र सेनानी उत्तराधिकारी समीर चतुर्वेदी, हरीश जल्होत्रा, विकास आर्या, संदीप धीर, विकास मिगलानी, राजेंद्र बजरंगी, बलदेव राज खेड़ा, शैली बंसल।

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