बरेली: निलंबित कोई नहीं, डॉक्टर समेत 20 कर्मचारियों ने दिया स्पष्टीकरण

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बरेली, अमृत विचार। बीते शनिवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने बरेली का दौरा किया था। अधिकारियों के संग बैठक करने के बाद उन्होंने पुलिस चिकित्सालय और सिविल लाइंस नगरीय स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। यहां ताला लटका देख उनका पारा चढ़ गया और तत्काल ही उन्होंने मिशन निदेशक को …

बरेली, अमृत विचार। बीते शनिवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने बरेली का दौरा किया था। अधिकारियों के संग बैठक करने के बाद उन्होंने पुलिस चिकित्सालय और सिविल लाइंस नगरीय स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। यहां ताला लटका देख उनका पारा चढ़ गया और तत्काल ही उन्होंने मिशन निदेशक को फोन पर दोनों केंद्रों पर तैनात स्टाफ पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। उनके निरीक्षण का असर भी अब नजर आ रहा है। दोनों केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक चौबंद नजर आ रही है। वहीं स्टाफ भी समय से ड्यूटी पर उपस्थित दिख रहा है।

ओपीडी के बाद पोस्टमार्टम में देनी होती हैं सेवाएं
पुलिस चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. सुमन गौतम के अनुसार पुलिस चिकित्सालय में पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारी और उनके परिवार को इलाज दिया जाता है। सुबह 8 बजे से 2 बजे तक चिकित्सालय में ओपीडी होती है। इसके बाद समस्त स्टाफ को पोस्टमार्टम में अपनी सेवाएं देनी होती हैं। स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण वाले दिन भी ऐसा ही हुआ था। ओपीडी के बाद स्टाफ वहां चला गया था, जिस कारण यहां ताला लटका था। हालांकि उच्चाधिकारियों के आदेश पर स्पष्टीकरण दे दिया गया है।

प्रभारी और एएनएम थीं अवकाश पर
पुलिस चिकित्सालय के निरीक्षण के बाद जब डिप्टी सीएम सिविल लाइंस नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो यहां भी स्टाफ मौजूद नहीं था। इस पर सीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। यहां तैनात डॉ. नजमा खानम ने बताया कि बीते शनिवार को वह और एएनएम अवकाश पर थीं। गाइडलाइन के अनुपालन में केंद्र खुलने का समय 4 बजे तक है। ओपीडी समय से होती है, रोजाना करीब 60 से 70 मरीज आते हैं। वहीं गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। कुल 16 का स्टाफ है। सीएमओ के आदेश पर स्पष्टीकरण दे दिया है।

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